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Kaithal News: तीन लोगों से 10.83 लाख रुपये ठगे, दो मामलों में क्रेडिट कार्ड से हेल्थ इंश्योरेंस हटाने और लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर 2.82 लाख हड़पे

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कैथल। जिले में साइबर ठगों ने तीन लोगों को अलग-अलग तरीकों से निशाना बनाकर कुल 10 लाख 82 हजार 601 रुपये ठग लिए। एक मामले में क्रेडिट कार्ड से हेल्थ इंश्योरेंस हटाने, दूसरे को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और तीसरे को रिश्तेदार बनकर फर्जी पेमेंट रसीद भेजने के बहाने ठगा गया। तीनों मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच शुरू कर दी है।
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हेल्थ इंश्योरेंस हटाने के नाम पर क्रेडिट कार्ड से 1.35 लाख निकाले
पुलिस को दी शिकायत में गांव डंडौता निवासी अजय कुमार ने बताया कि वे दूध की डेयरी चलाते हैं। 9 अक्तूबर को उनके पास एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को एक्सिस बैंक का अधिकारी बताया। उसने क्रेडिट कार्ड पर लगी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए हर साल पांच हजार रुपये कटने की बात कही। साथ ही दावा किया कि लिंक पर जानकारी भरने से पॉलिसी का शुल्क नहीं कटेगा। आरोपी ने व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर उनसे क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरवा ली। इसके बाद उनके कार्ड से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से 1,34,996 रुपये कट गए। उन्होंने साइबर थाना में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी।
केस 2

क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर 1.47 लाख ठगे
दूसरी शिकायत में विकास नगर कैथल निवासी सतबीर सिंह ने बताया कि 9 अक्तूबर की शाम एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर आरबीएल बैंक के क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का ऑफर दिया। इसके बाद व्हाट्सएप पर लिंक भेजा और कार्ड की जानकारी भरने के लिए कहा। लिंक पर जानकारी सबमिट नहीं होने पर आरोपी ने दूसरे कार्ड की डिटेल भरने के लिए कहा। पीड़ित ने आरबीएल, पीएनबी और एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड की जानकारी साझा कर दी। कुछ समय बाद तीनों कार्डों से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिये कुल 1,47,605.78 रुपये कटने के संदेश आए। इसके बाद उन्होंने कार्ड और बैंक खाता ब्लॉक करवाया।
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केस 03
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे रिश्तेदार की फोटो लगाकर आठ लाख ठगे
तीसरी शिकायत में गांव सिरटा निवासी अजय मलिक ने बताया कि तीन अक्तूबर को उनके व्हाट्सएप पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले की प्रोफाइल पर उनकी बुआ के बेटे दिव्यांशु की फोटो लगी थी, जो ऑस्ट्रेलिया में रहता है। आरोपी ने रिश्तेदार बनकर उनके खाते में 19.15 लाख रुपये भेजने की बात कही और इसके बाद एचएसबीसी बैंक की फर्जी पेमेंट रसीद भेज दी। कुछ समय बाद एक अन्य व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर रुपये 48 से 72 घंटे में खाते में आने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने अपने दोस्त की पत्नी के ऑपरेशन के नाम पर चार लाख रुपये मांगे। शिकायतकर्ता ने अपने आढ़ती के माध्यम से बताए गए खाते में रकम भिजवा दी। 5 अक्तूबर को दो लाख रुपये और मांगे गए, जो उसी खाते में भेज दिए गए। इसके बाद आरोपी ने पिता के खाते में 10 लाख रुपये भेजने की बात कहकर दो लाख रुपये दूसरे खाते में जमा करवाने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने यह रकम भी जमा करवा दी। कुल आठ लाख रुपये भेजने के बाद भी खाते में बताई गई रकम नहीं आई। रिश्तेदार से दूसरे नंबर पर संपर्क करने पर ठगी का पता चला।
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डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि तीनों मामलों में साइबर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच शुरू कर दी है।
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