रोडवेज अधिकारी पर एफआईआर करने की मांग
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दिल्ली में रोडवेज अधिकारी द्वारा कंडक्टर का उत्पीड़न और इस कारण उसकी मौत पर रोडवेज कर्मचारियों ने दो घंटे तक चक्का जाम किया। जिससे यहां पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज कर्मचारियों ने अधिकारी को गिरफ्तार करने की मांग पर नये बस स्टैंड के गेट पर जमकर प्रदर्शन किया। जिसमें दिल्ली पुलिस और रोडवेज के टीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में रोडवेज कर्मचारी यूनियन, हरियाणा कर्मचारी महासंघ और हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ज्वाइंट एक्शन कमेटी सहित अन्य कर्मचारी संघ के नेताओं ने भाग लिया।
कैथल डिपो के प्रधान कृष्ण और एसकेएस के उप प्रधान जसबीर ने बताया कि दिल्ली के आईएसबीटी बस स्टैंड पर तैनात टीएम रीतू रानी ने कंडक्टर सुरेंद्र को प्रताड़ित किया। जिसके कारण वह सदमे में आ गया और उसकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि नोटबंदी के कारण टीएम द्वारा उस पर दबाव बनाया गया। कंडक्टर पर कैश पूरा न होने का दबाव बनाया गया जबकि उसके पास कैश पूरा था और उससे छूटे रुपये मांगे गये। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि टीएम ने कंडक्टर को बेइज्जत किया। जिस कारण उसकी मौत हुई। उन्होंने बताया कि अधिकारी को सस्पेंड तो कर दिया गया है। लेकिन उसे दिल्ली पुलिस द्वारा अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया। कर्मचारी नेताओं ने अधिकारी पर धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किए जाने की मांग की।
हड़ताल के कारण बसों में ही बैठे रहे यात्री
बस स्टैंड पर खड़ी बसों में यात्री बस के चलने का इंतजार करते रहे। लेकिन रोडवेज कर्मचारियों की अचानक हड़ताल के कारण यात्री बस के अंदर ही बैठे रहे। बस में बैठे यात्रियों द्वारा टिकट लिये जाने के कारण वह दूसरे साधनों पर अपने गंतव्य पर नहीं पहुंच सके। चंडीगढ़ जाने वाले हांसी निवासी ईश्वर सिंह ने बताया कि उसे चंडीगढ़ एक बजे तक पहुंचना था। लेकिन रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण वह काफी लेट पहुंचेगा।
वहीं शहरवासी शैलेंद्र ने बताया कि उसकी रिश्तेदार की शादी में अंबाला के लिए जाना था। लेकिन अचानक बसों का बंद होने से वह शादी में शामिल नहीं हो सकेगा।