संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने वाली सरकारी बसें पिछले करीब 10 दिनों से शहर के बीचों-बीच से होकर नहीं गुजर रही हैं। इसके चलते जिले के विभिन्न गांवों से पढ़ाई के लिए कैथल आने वाली छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत पर आश्वासन के बाद भी उनका इंतजार जारी है। वह सोमवार को फिर से अफसरों से गुहार लगाएंगी।
छात्राओं को कैथल बस स्टैंड से अपने कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त किराया खर्च करना पड़ रहा है। साथ ही समय की बर्बादी भी झेलनी पड़ रही है। कैलरम, बालू, चौशाला और गुलियाना गांव की छात्राएं रेनू, सीमा और सिवानी ने बताया कि वे प्रतिदिन कैथल शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई करने आती हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार की बस पास सुविधा होने के बावजूद उन्हें बस स्टैंड से कॉलेज तक पहुंचने के लिए ऑटो का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
छात्राओं का कहना है कि पहले सरकारी बसें शहर के बीच से होकर गुजरती थीं, जिससे उन्हें काफी सुविधा मिलती थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से रूट में बदलाव होने के कारण समस्याएं बढ़ गई हैं। वीरवार को छात्राएं कैथल लघु सचिवालय पहुंचीं थी और एसपी व एडीसी से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया। छात्राओं ने मांग की कि बसों को दोबारा पुराने रूट से संचालित किया जाए। उनका कहना है कि अधिकारियों ने समस्या को गंभीरता से सुनकर समाधान का आश्वासन दिया था।
हालांकि शुक्रवार को भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ और छात्राओं की बसें शहर के बाहरी मार्ग से होकर ही कैथल बस स्टैंड पहुंचीं। इस संबंध में कैथल डिपो के जनरल मैनेजर कमलजीत चहल ने बताया कि रोडवेज विभाग छात्राओं को शहर के अंदर से उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए तैयार है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से लिखित निर्देश मिलने तक पुराने रूट पर बसों का संचालन संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि शहर के अंदर से बसें चलाने पर कई बार ट्रैफिक पुलिस की ओर से चालान किए जाते हैं, जिससे रोडवेज को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसी कारण फिलहाल बसों को शहर के बाहरी मार्ग से संचालित किया जा रहा है। अब विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं ने सोमवार को दोबारा जिला उपायुक्त और एडीसी से मुलाकात कर समस्या के समाधान की मांग उठाने का निर्णय लिया है।