संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मासूम बचपन को अंधकार से निकालकर बेहतर भविष्य की राह दिखाने वाले ऑपरेशन मुस्कान अभियान के तहत जिले में 78 बच्चों को पुिलस ने मुक्त कराया। सुरक्षित हाथों में पहुंचने पर इनके चेहरे खिल गए।
एमडीडी ऑफ इंडिया और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की संयुक्त टीमों ने इन बच्चों को बचाकर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया। इनमें गुमशुदा, बाल श्रमिक, भीख मांगने वाले, कूड़ा बीनने वाले तथा संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे शामिल थे।
सीडब्ल्यूसी चेयरमैन भीम सेन अग्रवाल ने बताया कि 18 गुमशुदा बच्चों को खोजकर उनके परिजनों से मिलवाया गया। 20 बच्चों को बाल श्रम के चंगुल से मुक्त कराया गया। वहीं 22 बच्चों को भीख मांगने की स्थिति से निकालकर सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया गया, जबकि 8 कूड़ा बीनने वाले बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी की गई।
उन्होंने बताया कि एक परित्यक्त मासूम बच्ची को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाते हुए विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी में स्थानांतरित किया गया। इस दौरान सभी बच्चों की काउंसलिंग, चिकित्सीय जांच, सुरक्षा और पुनर्वास को प्राथमिकता दी गई।
भीम सेन अग्रवाल ने कहा कि सीडब्ल्यूसी की टीम लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी बच्चा दोबारा असुरक्षित परिस्थितियों में न पहुंचे।संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मासूम बचपन को अंधकार से निकालकर बेहतर भविष्य की राह दिखाने वाले ऑपरेशन मुस्कान अभियान के तहत जिले में 78 बच्चों को पुिलस ने मुक्त कराया। सुरक्षित हाथों में पहुंचने पर इनके चेहरे खिल गए।
एमडीडी ऑफ इंडिया और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की संयुक्त टीमों ने इन बच्चों को बचाकर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया। इनमें गुमशुदा, बाल श्रमिक, भीख मांगने वाले, कूड़ा बीनने वाले तथा संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे शामिल थे।
सीडब्ल्यूसी चेयरमैन भीम सेन अग्रवाल ने बताया कि 18 गुमशुदा बच्चों को खोजकर उनके परिजनों से मिलवाया गया। 20 बच्चों को बाल श्रम के चंगुल से मुक्त कराया गया। वहीं 22 बच्चों को भीख मांगने की स्थिति से निकालकर सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया गया, जबकि 8 कूड़ा बीनने वाले बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी की गई।
उन्होंने बताया कि एक परित्यक्त मासूम बच्ची को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाते हुए विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी में स्थानांतरित किया गया। इस दौरान सभी बच्चों की काउंसलिंग, चिकित्सीय जांच, सुरक्षा और पुनर्वास को प्राथमिकता दी गई।
भीम सेन अग्रवाल ने कहा कि सीडब्ल्यूसी की टीम लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी बच्चा दोबारा असुरक्षित परिस्थितियों में न पहुंचे।