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Kaithal News: रोडवेज ट्रेनिंग स्कूल का ड्राइवर रिश्वत लेते काबू

Sat, 27 Sep 2025 09:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार के मामले में कैथल के रोडवेज ड्राइवर जोरा सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने हाजिरी लगाने के लिए तीन हजार रुपये की रिश्वत ली। एसीबी के अनुसार, आरोपी का साथी ड्राइवर हाकम सिंह 7 जुलाई को रिश्वत लेते पकड़ा गया था। इसके बाद जोरा सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया गया था।

शिकायतकर्ता ने बताया कि वह हैवी लाइसेंस ट्रेनिंग के लिए कैथल रोडवेज ट्रेनिंग स्कूल गया था और 3,540 रुपये की सरकारी फीस जमा करवाई थी। इसके बाद उसकी ट्रेनिंग के लिए हाकम सिंह और जोरा सिंह ड्राइवर की ड्यूटी पर लगे। दोनों ने कई बार कहा कि ट्रेनिंग ठीक से कराई जाएगी। 2 जुलाई को शिकायतकर्ता ने हाकम सिंह से बात की, तो उसने कहा कि तीन हजार रुपये दे कर बस हाजिरी लगवा लो। बाद में जोरा सिंह ने कहा कि वह मुरथल में 15 दिन की ट्रेनिंग पर है और तीन हजार रुपये हाकम सिंह को नकद सौंपने को कहा। जैसे ही शिकायतकर्ता ने रुपये हाकम सिंह को दिए, एसीबी की टीम ने वर्कशॉप, सामान्य बस अड्डा, कैथल से दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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यह था मामला ः हैवी ड्राइविंग लाइसेंस का प्रशिक्षण लेने आ रहे युवक ने आरोपी चालक हाकम सिंह पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया। आरोपी चालक मूल रुप से खरकड़ा गांव का निवासी है और वह बस स्टैंड पर बने हैवी ड्राइविंग लाइसेंस का प्रशिक्षण केंद्र पर कार्यरत है। इस मामले में चालक के कलायत के बात्ता गांव निवासी अंकुश ने चालक पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। फिर एसीबी ने इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन कर बस स्टैंड पर दबिश दी। इस दौरान उसे रिश्वत लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया। वहीं, शिकायतकर्ता अंकुश एक और चालक जोरा सिंह पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। अंकुश ने बताया कि डोहर गांव निवासी चालक जोरा सिंह भी इस चालक के साथ रिश्वत मांग रहा था, लेकिन वह सोमवार को मुरथल में एक ट्रेनिंग में गया हुआ था।



इसके चलते उसने हाकम सिंह को ही रिश्वत देने के लिए कहा।

अंकुश ने यह भी आरोप लगाया कि उसने एक अंडर ट्रेनिंग चालक से टेस्ट में पास कराने की एवज में तीन हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता की सूचना पर यह कार्रवाई की गई।

अकुंश ने बताया कि इस समय वह कैथल रोडवेज के हेवी ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में 45 दिन के चालक का प्रशिक्षण ले रहा है और उसे प्रशिक्षण शुरू हुए अभी 15 दिन ही हुए थे। इस दौरान उसे प्रशिक्षण दे रहे चालक हाकम सिंह ने उसे यह कहकर डराया कि अगर उसने तीन हजार रुपये नहीं दिए तो उसे टेस्ट में फेल कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उसकी गैर हाजिरी भी लगा देगा। अंकुश ने बताया कि गैर हाजिरी लगाने पर 1780 का जुर्माना लगता है। ऐसे में वह गैर हाजिरी लगाने का भी डर दिखाता था। प्रशिक्षण लेने की फीस ही 3540 रुपये है, लेकिन आरोपी चालक ने तीन हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। उसके बैच में 104 प्रशिक्षु हैं। वे इन्हें भी भय दिखा रिश्वत की मांग करता था।
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23 साल से रोडवेज में कार्यरत था आरोपी

आरोपी हाकम सिंह पिछले 23 वर्षों से रोडवेज में बतौर चालक तैनात है। वर्तमान में वह कैथल रोडवेज के कोचिंग स्कूल में हेवी लाइसेंसधारी चालकों को प्रशिक्षण दे रहा है। उसकी जिम्मेदारी प्रशिक्षुओं को ड्राइविंग सिखाने और अंत में टेस्ट लेकर पास या फेल करने की होती है। एसीबी ने बताया था कि जोरा सिंह की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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