शाम के समय बसों का इंतजार करते यात्री। संवाद
कैथल। रोडवेज डिपो इन दिनों बसों की भारी किल्लत से जूझ रहा है। बसों की कमी का सीधा असर परिवहन सेवाओं पर पड़ रहा है। इसके कारण विभाग को कई प्रमुख रूटों पर बसों के फेरे घटाने पड़ रहे हैं। सबसे बदतर स्थिति शाम के समय देखने को मिल रही है, जब यात्रियों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।
रोडवेज की इस अव्यवस्था का सबसे बड़ा खामियाजा दिल्ली, पानीपत और सोनीपत जाने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। इन रूटों पर शाम 6:40 बजे के बाद कोई भी रोडवेज बस उपलब्ध नहीं है। हालांकि करनाल तक बस जरूर जाती है लेकिन सीधे दिल्ली रूट के लिए बस नहीं है। काम करने वाले सैकड़ों लोग शाम को घर लौटने के लिए जब बस स्टैंड पहुंचते हैं, तो उन्हें निराशा ही हाथ लगती है।
यात्री कुलदीप राणा और महेंद्र मलिक का कहना है कि व्यस्त समय में ही बसों का संचालन बंद होने से उन्हें भारी परेशानी हो रही है। बस स्टैंड पर हर रोज सैकड़ों यात्री बसों के इंतजार में घंटों खड़े रहते हैं। रोडवेज बसों के न मिलने के कारण यात्रियों को मजबूरन निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। निजी वाहन चालक इस मजबूरी का फायदा उठाकर यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं। इससे यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। देर रात तक महिलाओं और बुजुर्गों को बस स्टैंड पर परेशान होते देखा जा सकता है।
इस बारे में उपलब्ध बसों के साथ रूटों को सुचारू रूप से चलाने का प्रयास किया जा रहा है। उच्च अधिकारियों को नई बसों की मांग भेजी गई है और जल्द ही नई बसें बेड़े में शामिल होंगी।- विपुल कुमार, यातायात प्रबंधक