कैथल। बसों में टिकट जांच दल की सूचना देने के लिए बनाए गए वाट्सएप ग्रुप की विभाग जांच कर रहा है। शनिवार को छुट्टी होने के चलते कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। मामला कैथल रोडवेज के महाप्रबंधक के संज्ञान में आ चुका है।
फ्लाइंग की जानकारी देने वाले वाट्सएप ग्रुप में कुल 272 सदस्य शामिल हैं। जांच दल ने बताया था कि एक युवक को फर्जी पास के साथ पकड़ा था। उसके मोबाइल में एक यह ग्रुप मिला। इसमें इस युवक को किसी ने जोड़ा था। यह टिकट जांच दल की जानकारी इस ग्रुप में अपडेट करता था। कैथल के रोडवेज महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि शनिवार को छुट्टी थी। इसके चलते वह मामले के बारे में अभी पूरी जानकारी नहीं ले पाएं है। सोमवार को वह फ्लाइंग की टीम से पूरी जानकारी लेंगे।
पूर्व में भी आरटीए कार्यालय के अधिकारियों की गाड़ी का पीछा करने के मामले सामने आ चुके हैं।
क्या था मामला
शुक्रवार को जींद से कैथल आ रही रोडवेज की बस की जांच के दौरान एक विद्यार्थी का बस पास फर्जी मिला। इस बीच जब उसके मोबाइल की जांच की तो उसमें एक व्हाट्सएप ग्रुप मिला, जिसमें फ्लाइंग टीम की जानकारी थी। यह देखकर विभागीय अधिकारी सकते में आ गए। उन्होंने मोबाइल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
विद्यार्थी को घर जाने दिया गया था लेकिन फर्जी पास मामले में नियमानुसार जो जुर्माना बना, वह वसूला गया था। इस पर कैथल रोडवेज के महाप्रबंधक अजय गर्ग ने कहा था कि यदि किसी भी प्रकार से ग्रुप के सदस्य विभाग को कोई नुकसान पहुंचा रहे है, तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।