पूंडरी। पूंडरी कस्बे में पानी निकासी की समस्या स्थानीय निवासियों के लिए बड़ा संकट है। बारिश में हालात ऐसे हो जाते हैं कि जलभराव से सड़कें तालाब-सी नजर आती हैं। इससे लोगों को घुटनों तक पानी में चलना या फिर सफर करना मजबूरी बन जाता है।
वर्षों से चली आ रही इस समस्या का समाधान न होने से लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूंडरी की लाइफ लाइन कही जाने वाली दो सड़कों में आहलूवालिया चौक से पूंडरीक तीर्थ तक और गुरु ब्रह्मानंद चौक से बस स्टैंड तक हैं। ये सड़कें बारिश में तालाब सरीखी दिखती हैं। इससे लोगों को परेशानियां होती हैं। उनका कहना है कि बरसात में सड़क पर चलना सजा जैसा रहता है। पानी निकासी हर चुनाव का मुख्य मुद्दा रहता है लेकिन यह फिर दब जाता है।
प्रशासन की सुस्ती, जनता की बेबसी ः कस्बा वासियों के अनुसार कई बार ज्ञापन और शिकायतें देने के बावजूद प्रशासनिक उदासीनता से जनता में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों की सफाई के लिए बजट तो जरूर पास होता होगा, लेकिन कार्यवाही शून्य है। आरोप लगाते हुए कहा कि हर बार सिर्फ वादे किए जाते हैं, जमीन पर कुछ नहीं दिखता।
कस्बे के लोगों का कहना है कि यदि पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। प्रशासन के आश्वासन से अब जनता का भरोसा टूटने लगा है। स्थानीय लोग एक स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि बरसात में उन्हें तालाब बनी सड़कों से गुजरने को मजबूर न होना पड़े।
इस संबंध में नगरपालिका सचिव अशोक कुमार ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए योजना बनाई जा रही है। पूंडरी नगर पालिका का हाल ही में चुनाव संपन्न हुआ है। अब जल्द ही विकास कार्य शुरू किए जाएंगे और समस्याओं को दूर किया जाएगा। संवाद
बारिश में सड़क या तालाब
शमशेर सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हर बारिश में ऐसा लगता है जैसे हम सड़क पर नहीं, तालाब में चल रहे हैं। पैदल चलना मुश्किल हो जाता है।
बाइक और साइकिल से गुजरना कठिन हो जाता है। जलभराव के कारण कई लोगों के घरों में पानी घुस जाता है, जिससे फर्नीचर और सामान बर्बाद हो जाता है।
नाले हो जाते हैं ओवरफ्लो
कस्बावासी अनिल आर्य ने बताया कि समस्या का मूल कारण अधूरे पड़े नालों का निर्माण और उनकी समय पर सफाई न होना है। बारिश के दौरान नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं, जिससे पानी गलियों और मुख्य सड़कों पर जमा हो जाता है। लोगों के घरों, दुकानों आदि में जलभराव से परेशानी होना आम है।
व्यापारियों का होता है घाटा
राकेश अग्रवाल ने बताया कि जलभराव से घरों ही नहीं, बल्कि बाजारों में भी परेशानी बढ़ जाती है। दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ता है। पानी भरने से ग्राहक दुकान में आ ही नहीं पाते। रोज़ाना का कारोबार आधा रह जाता है।
पानी से गुजरने पर विवश
राजकुमार ने बताया कि पूंडरी हलके के सबसे बड़े व पुराने स्कूल सनातन स्कूल के सामने थोड़ी सी बारिश होने पर निकासी न होने से जलभराव हो जाता है। जिस कारण छात्राओं को गंदे पानी से गुजरना पड़ रहा है। कई बार छात्राएं पानी में गिरकर भीग तक जाती हैं