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बारिश से सड़कें बनीं तालाब, फसलों को हुआ नुकसान

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जिले में शनिवार देर रात शुरू हुई बारिश रविवार सुबह आठ बजे तक रुक-रुककर होती रही। बारिश से सब्जियों की फसल को नुकसान हुआ है। सबसे अधिक सीवन क्षेत्र में 40 प्रतिशत तक सब्जियों की फसल खराब हो गई। वहीं कलायत क्षेत्र में कपास की फसल को भी नुकसान होने का अंदेशा है। बारिश से घीया, तोरई, करेला, भिंडी, खीरा व बेल वाली अन्य सब्जियों को नुकसान हुआ है।
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मौसम विभाग के अनुसार जिले में औसतन 63 मिमी बारिश हुई। राजौंद में सबसे अधिक 110 और कलायत में सबसे कम 25 मिमी बारिश हुई। इससे तापमान में गिरावट आई। रविवार को अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री दर्ज किया गया। गांवों में भी बारिश के पानी के कारण तालाब ओवरफ्लो हो गए। इससे अधिकतर गलियां जलमग्न हो गईं।
शहर में रेलवे गेट, करनाल रोड पर लघु सचिवालय, कबूतर चौक, भगत सिंह चौक, अमरगढ़ गामड़ी, न्यू करनाल रोड, न्यायालय परिसर, माता गेट, डोगरा गेट, चंदाना गेट पर जलभराव होने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। शहर की निचली बस्तियों में कॉलोनी वासियों को अधिक दिक्कतें आईं।
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सीवन क्षेत्र के प्रगतिशील किसान गुरदयाल सिंह मलिकपुर ने बताया कि बारिश से धान की फसल को नुकसान नहीं है। वहीं सब्जियों की फसल को अधिक नुकसान हुआ है। गुरदयाल ने बताया कि तेज बारिश से बेल वाली सब्जियों में जलभराव होता है। इससे सब्जियों की जड़े ढीली पड़ जाती हैं और नुकसान होता है। अब फिर तेज बारिश हुई तो धान की फसल को भी नुकसान होगा।
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने कहा कि इस बारिश से सब्जियों की फसल को नुकसान है। किसान सब्जियों की फसल में पानी कतई न दें। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत 21 जुलाई तक लगातार बारिश होने की संभावना है।
कहां कितना बरसा पानी
कैथल 50 मिमी
कलायत 25 मिमी
चीका 32 मिमी
राजौंद 110 मिमी
सीवन 52 मिमी
पूंडरी 105 मिमी
ढांड 27 मिमी
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गलियों में जलभराव से झेलनी पड़ी परेशानी
सीवन। बारिश के कारण गलियों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। बारिश का पानी नगर की निचली बस्तियों में पानी जमा हो गया। कई कालोनियों में भी खाली पड़े प्लाट पानी से लबालब भर गए।
फर्शमाजरा, गोबिंदपुरा, खेड़ी गुलाम अली, अटैला, धर्मपुरा, मांझला जाने वाले रास्ते पर भी जलभराव होने से वाहन चालक परेशान हुए। नगर में सीवरेज शुरू न होने का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। कई गलियां तो ऐसी है जहां पर सीवरेज की खुदाई तो हुई परंतु उन गलियों का दोबारा निर्माण नहीं करवाया गया। ऐसे में बरसात में गलियों में कीचड़ जमा हो गया है। ग्रामीण राजेश रहेजा, जरनैल सिंह, संगीत बंसल, सतीश सरदाना, अंतर जीत सिंह, कुलदीप सिंह व हरिकिशन ने जलनिकासी की व्यवस्था करने मांग उठाई है। संवाद
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जलनिकासी के दावे फेल
संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। बारिश के बाद जलनिकासी के दावे फेल साबित हुए। वार्ड नंबर 10 और 13 में तालाब ओवरफ्लो होने पानी लोगों के घरों में घुस गया। घरों में पानी भरने से लोगों ने रोष जताया।
ग्रामीण रामपाल, तेजपाल, वेदपाल, जोगी राम, राजा राम, दलवीर, जगदीश, पूर्व सरपंच सतबीर व रामपाल ने बताया कि पानी निकासी न होने से उन्हें भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। गोगा मैड़ी वाला तालाब ओवरफ्लो होने से पानी घरों में घुस गया इससे घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। नगर पालिका प्रशासन को कई बार इस बारे अवगत करवाया जा चुका है। फिर भी समस्या का कोई समाधान नहीं किया जा रहा।
वार्ड नंबर 10 निवासी कपिल हरित, मनु शर्मा, शमशेर सिंह, सुदर्शन शर्मा, सुभाष राणा, रामबीर राणा, पप्पू राणा, आशा राम, बबलू, महेंद्र राणा, ज्ञान सिंह व फूल सिंह राणा ने बताया कि समस्या को लेकर वे कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को मिल चुके हैं। समस्या का कोई भी समाधान नहीं हो रहा। गली में पानी भरने के कारण घरों में दरारें आ चुकी है। उन्हें घर में भय के माहौल में रहना पड़ रहा है। वहीं, गांव रोहेड़ा पाबड़ा पट्टी में जलभराव होने पर लोगों ने रोष जताया।
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बारिश में बह गए पानी निकासी के इंतजाम
कलायत। कलायत में पानी की निकासी के इंतजाम करने के दावे बारिश के साथ बह गए। जलभराव होने से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। वार्ड तीन में विधवा महिला ज्ञानों देवी के घर की छत गिर गई। हादसे में महिला बाल-बाल बच गई। वहीं खुद लोगों की समस्या के निवारण की कमान संभालने वाले अधिकारियों के कार्यालय भी जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। कलायत नगर पालिका अध्यक्ष शशीबाला कौशिक ने पार्षदों की टीम के साथ पानी निकासी का अपडेट ली। इस दौरान कई ऐसे स्थानों को चिह्नित किया गया, जहां पानी निकासी के लिए संसाधन जुटाने की जरूरत है। संवाद
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