शहर के मुख्य पिहोवा चौक और नए बस स्टैंड के पास बने सर छोटूराम चौक पर तीन माह से ट्रैफिक लाइटें बंद पड़ी हैं। इन लाइटों बंद होने के कारण यातायात अव्यवस्थित हो रहा है, जिससे वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन दोनों चौराहों से रोजाना हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। लाइट खराब होने के कारण वाहन चालकों में एक-दूसरे से पहले चौक क्रास करने की होड़ लगी रहती है। जल्दबाजी में कई बार वाहन चालक सामने वाहनों से टकरा जाते हैं। समस्या को जानने के बाद भी अधिकारी अनजान बने बैठे हैं।
20 लाख की लागत से दोनों चौंक पर लगाई गई थी लाइट
जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार इन दोनों चौराहों पर करीब 20 लाख रुपये की लागत से ट्रैफिक लाइट लगाई गईं थीं। ये लाइट कुछ महीने तो ठीक चलीं, लेकिन बाद में खराब होने लगीं। नगर परिषद की ओर से कई बार इन लाइटों को ठीक भी करवाया गया, लेकिन तीन महीने से पूरी तरह बंद पड़ी हैं। पिहोवा चौक शहर का मुख्य चौक होने के कारण यहां से अंबाला रोड, जींद रोड, पुराने शहर और करनाल रोड की तरफ की हजार वाहनों का आना जाना रहता है। ऐसे सर छोटूराम चौक पर चारों ओर छोटे वाहनों के साथ-साथ सैकड़ों की संख्या में भारी वाहन भी गुजरते हैं। इस कारण यहां हर समय दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है।
चार-चार पुलिस कर्मियों को चौक पर देनी पड़ रही है ड्यूटी
लाइटों की व्यवस्था न होने से यातायात को नियंत्रित करने के लिए दोनों चौराहों पर चार-चार पुलिस कर्मियों को ड्यूटी देनी पड़ रही है। जिस समय चौक पर तैनात किए गए पुलिस कर्मचारी वहां से हटते हैं, उसके साथ ही ट्रैफिक अव्यवस्थित हो जाता है। वहीं दोनों जगहों पर अवैध रुप से सड़कों पर खड़े वाहन भी अन्य वाहन चालकों के लिए परेशानी बन रहे हैं। चौक क्रास करते ही दोनों जगहों पर आटो चालकों का जमावड़ा रहता है, जो सड़क के बीचों-बीच खड़े रहते हैं।
जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को लेकर बैठक में भी अधिकारियों को निर्देश जारी किए थे कि वे प्रबंधों को जल्द से जल्द पुख्ता करें। चौराहों पर लगी ट्रैफिक लाइट को ठीक करवाया जाए। इसके बावजूद हालात ज्यों के त्यों हैं। सर्दी के चलते कोहरा भी पड़ने लगा है, इस कारण इन जगहों पर दुर्घटनाओं की संभावना और ज्यादा बढ़ रही है।
पहले भी कभी जलती थी तो कभी रहती थी बंद
पिहोवा चौक स्थित दुकान में बैठे दुकानदार सतीश कथूरिया ने बताया कि जब से लाइट लगीं हैं, तभी से ऐसे हालात बने हुए हैं। ये लाइटें कभी जलती हैं तो कभी बंद हो जाती हैं। अब पिछले कई माह से तो लगातार बंद पड़ीं हैं। अगर इन्हें बंद ही रखना था तो कई लाख रुपये खर्च करने की जरूरत ही क्या थी।
दुकानदार सुभाष धवन ने बताया कि गर्मियों में ये लाइट ठीक थीं, उस समय यातायात पूरी तरह नियंत्रित था। हालांकि लाइट पहले भी खराब हुई, लेकिन उस समय इन्हें ठीक करवा दिया गया था। जब से लाइट खराब हैं, तब से समस्या और ज्यादा बढ़ गई है। कई बार तो वाहन चालकों को चौक के बिल्कुल बीच में खड़े होकर सड़क क्रास करने के लिए इंतजार करना पड़ता है। इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए। इससे कर्मचारियों को भी चौक पर ज्यादा संख्या में ड्यूटी नहीं देनी पड़ेगी।
एक बार ट्रैफिक लाइट शुरू होने के बाद लोगों को धीरे - धीरे रेड लाइट होने पर रुकने की आदत हो गई थी। लेकिन अब हालात वहीं पहुंच गए हैं। एक बार बस इतना जरूर देखते हैं कि चालान काटने के लिए पुलिस कर्मचारी रोक रहे हैं या नहीं, यह सुनिश्चित होते ही कि कोई रुकावट नहीं है, चौक से पूरी स्पीड से वाहन निकाल ले जाते हैं।
जल्द ठीक करवाई जाएंगी लाइट
नगर परिषद के एमई राजकुमार ने बताया कि उनका नगर परिषद कैथल से दूसरी जगह तबादला हो गया था, जिस कारण यह समस्या सामने आई। अब जल्द ही दोनों चौराहों पर लगी लाइट को ठीक करवाया जाएगा, ताकि वाहन चालकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।