संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लगातार हो रही बारिश ने जहां जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं सब्जियों के बढ़ते दामों ने आम उपभोक्ताओं का बजट भी बिगाड़ दिया है। मंडियों में इन दिनों हरी सब्जियों के दाम दोगुने तक पहुंच गए हैं। इसकी एक वजह बारिश से फसलों का खराब होना है, तो दूसरी वजह नवरात्र की नजदीकी। आगामी 22 सितंबर से शुरू हो रहे नवरात्र का असर मंडियों में पहले से ही साफ दिखने लगा है।
सब्जी मंडियों में टमाटर, प्याज और शिमला मिर्च की कीमतें 40 से 50 प्रतिशत तक चढ़ गई हैं। वहीं भिंडी, लौकी और अरबी जैसी हरी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। हरी मटर तो 150 रुपये किलो तक बिक रही है। सब्जियों की महंगाई का सीधा असर गृहिणियों की जेब पर पड़ रहा है।
गृहिणी अंजली देवी का कहना है कि त्योहारों और बरसात के कारण सब्जियां बहुत महंगी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि किचन का पूरा बजट बिगड़ गया है। अब 200 रुपये की सब्जी लाने के बाद भी थैला खाली नजर आता है,” उन्होंने कहा।
उधर, सब्जी विक्रेता राजेश कुमार ने बताया कि बारिश के चलते खेतों में सब्जियां सड़ रही हैं और माल समय पर मंडियों तक नहीं पहुंच पा रहा। ट्रकों की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। जब माल कम आ रहा है, तो दाम बढ़ाना मजबूरी है।
गोभी
100 रुपये किलो
टमाटर
50 रुपये किलो
आलू
30 रुपये किलो
हरी मिर्च
100 रुपये किलो
प्याज
30 रुपये किलो
शिमला मिर्च
80 रुपये किलो
अरबी
80 रुपये किलो
भिंडी
80 रुपये किलो
हरी मटर
150 रुपये किलो