कैथल। वायु प्रदूषण के स्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अब वायु प्रदूषण का स्तर 380 पार पहुंच गया है। दिवाली के बाद वायु प्रदूषण के स्तर में कमी नहीं आई है। दिवाली से अगले दिन से बढ़ोतरी होना शुरू हो गई थी। अगले दिन 270 पर था, जो 380 से अधिक पहुंच गया है। वीरवार को वायु प्रदूषण का स्तर 386 रहा है। जबकि पिछले वर्ष वायु प्रदूषण का यह स्तर 276 था। जो इस बार की अपेक्षा 100 पीएम अधिक है।
सरकार की ओर से दिवाली पर केवल ग्रीन पटाखों को ही चलाने की अनुमति दी गई थी। इसके बावजूद लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े थे। ऐसे में दिवाली के अगले दिन से ही स्मॉग शुरू हो गया था। प्रदूषण का स्तर बढ़ने अधिकारियों का कहना था कि वे स्मॉग से बचाव के लिए कार्य कर रहे हैं। इसके लिए शहर में पानी का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि स्मॉग कुछ हद तक कम हो पाए।
सांस व आंखों के बढ़ रहे मरीज
लगातार वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण अब अस्पतालों में सांस और आंखों में जलन के मरीजों में बढ़ोतरी हो रही है। दिवाली से पहले जहां आंख व सांस के 50 से 70 मरीज अपना इलाज करवाने के लिए पहुंचते थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 100 से 150 तक पहुंच गई है। वहीं, बढ़ रहे मरीजों की संख्या पर स्वास्थ्य विभाग का कहना है इसकी ओपीडी लगातार जारी है। अस्पताल की जिला नागरिक अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. रेनू चावला ने बताया कि अब सामान्य बीमारी और आंखों की बीमारी के इलाज के लिए ओपीडी के समय में हर समय डॉक्टर तैनात रहते हैं। उन्हें इसके लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
इस बार 570 जगह लगी आग
डीडीए डा. कर्मचंद ने बताया कि जिले में इस बार खेतों में आगजनी की 570 घटनाएं सामने आई हैं। जिन पर आठ लाख 85 हजार रुपये जुर्माना किया है। 383 लोगों के चालान किए हैं। पिछले साल ये 1167 थीं। उससे पहले के साल में 1203 थीं। आगजनी की घटनाओं में लगातार कमी आ रही है। पूरा विभाग व प्रशासन के अन्य अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। जहां भी आगजनी की सूचना मिलती है, वहां जाकर किसान को समझाया जाता है। नियमानुसार जुर्माना किया जाता है। साथ ही पुलिस में भी सूचना दी जाती है। पुलिस में इस बार सात शिकायतें दी गई हैं।