कलायत। कैथल में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाली शाखा के कर्मचारियों की लापरवाही का लोगों को इस कदर शिकार होना पड़ रहा है कि एक माह तक चक्कर काटने के बाद एक व्यक्ति को अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र तो मिल गया, लेकिन उसमें जेंडर ‘महिला’ लिख दिया।
ऊपर से कर्मचारी ने इसे ‘क्लेरिकल मिस्टेक’ बताते हुए फिर से शुक्रवार को आने का समय दे दिया। कलायत के प्रवेश कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी ने 24 जून को कैथल के सिविल अस्पताल में पुत्र को जन्म दिया था। उन्होंने अस्पताल के रजिस्ट्रेशन कार्यालय में अपने पुत्र का नाम उमंग लिखवा दिया था।
उन्होंने बताया कि प्रमाण पत्र लेने के लिए वह कैथल के सिविल अस्पताल में कई चक्कर लगा चुका पर कोई न कोई बहाना बना कर उन्हें टरका दिया जाता है। गत शुक्रवार को रजिस्ट्रेशन कार्यालय में तैनात कर्मचारियों ने उसे पूरा दिन बैठा कर करीब चार बजे कह दिया कि मंगलवार को आना, तब मिलेगा।
मंगलवार को समय पर अस्पताल पहुंचने पर कर्मचारियों ने उसे जो जन्म प्रमाणपत्र थमाया, उसमें उसके लिंग बदल कर उसे ‘बेटी’ बना दिया गया। प्रवेश ने बताया कि इस बारे उन्होंने आपत्ति की तो कर्मचारियों ने उसे ‘कलेरिकल मिस्टेक’ कहते हुए फिर से शुक्रवार को आने के लिए कह दिया। प्रवेश ने कहा कि वह दिहाड़ी लगाता है और इसे छोड़कर कैथल के चक्कर लगा रहा है।