संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में राइस मिलरों की हड़ताल के कारण मंडियों में धान का समय से उठान नहीं हो पा रहा है। वहीं, सरकारी खरीद में भी काफी देरी हो रही है। किसानों की ओर से प्रदर्शन के बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही किसानों ने अधिकारियों पर रात के समय पीआर किस्म के धान की खरीद में मिलीभगत का आरोप लगाया था। इसके साथ ही मशीन में गडबड़ी होने की आशंका भी जताई थी।
अब राइस मिलरों की ओर से की गई प्रदेशव्यापी के हड़ताल के चलते अनाज मंडियों में धान का उठान न होने से जाम की स्थिति बनी है। वहीं, राइस मिलर्स एसोसिएशन का भी कहना है कि जब तक सरकार सीएमआर पॉलिसी को लेकर उनकी मांगें नहीं मानती। उनका प्रदर्शन अनिश्चितकालीन जारी रहेगा।
मंडियों में आवक बढ़ रही, सरकारी खरीद का कार्य है धीमा
भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी गुट के किसान नेता सतपाल दिल्लोंवाली ने कहा कि अब जैसे ही खेतों में धान की कटाई का कार्य लगातार पूरा हो रहा है। वैसे ही धान की आवक मंडियों में बढ़ रही है। मार्केट कमेटी के अनुसार वीरवार तक सवा लाख क्विंटल धान नई अनाज मंडी में हो चुकी है, लेकिन इसके मुकाबले में महज करीब चार हजार क्विंटल धान की ही सरकारी खरीद हो पाई है। ऐसे में मंडियों में आवक तो लगातार बढ़ रही है, लेकिन सरकारी खरीद का कार्य काफी धीमा है। उनकी संबंधित विभाग और सरकार से मांग है खरीद की प्रक्रिया में देरी न तेजी लाई जाए, ताकि किसानों को रातभर मंडियों में न गुजारनी पड़े।
सीएमआर पॉलिसी को लेकर मांगें माने सरकार ः हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के जिला प्रधान सचिन मित्तल ने कहा कि सरकार पिछले करीब 15 दिन से उनकी मांगें पूरी नहीं कर रही है। मिलर्स के प्रतिनिधिमंडल के सरकार के नुमाइंदों के साथ बैठक भी की, लेकिन बैठक में अब तक कोई हल नहीं निकला है। मित्तल ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे तब तक एक भी दाना सीएमआर पॉलिसी के तहत सरकार से नहीं लेंगे। इसके साथ ही परमल धान की खरीद भी पूरी तरह से बंद कर दी है।
बिना मिलर्स के प्रक्रिया है अधूरी
जींद रोड स्थित अतिरिक्त अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान सोहन लाल ढुल ने बताया कि सरकार ने बिना राइस मिलर्स के धान की खरीद का दावा किया है, लेकिन यह दावा सरकार का पूरा नहीं हो पाएगा क्योंकि बिना मिलरों के यह प्रक्रिया अधूरी रहेगी। यदि राइस मिलर ही खरीद के बीच हस्तक्षेप नहीं करेंगे तो मंडी में तो किसान का धान की फसल का माल गीला रहेगा।
सरकारी खरीद का कार्य सुचारू रूप से जारी है। राइस मिलरों की हड़ताल के चलते कुछ समस्या है, लेकिन इस पर जल्द ही समाधान निकाल लिया जाएगा। -बसाऊ राम, सचिव-मार्केट कमेटी कैथल