कैथल। कोयल कांपलेक्स में रविवार को हरियाणा प्रदेश राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन और हरियाणा राइस मिलर्स एवं डीलर्स एसोसिएशन की संयुक्त बैठक हुई। हरियाणा प्रदेश राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा की अगुवाई में हुई बैठक में समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही मांगों की अनदेखी करने पर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई।
प्रदेश अध्यक्ष छाबड़ा ने कहा कि उन्हें खुशी है कि दोनों संगठनों की संयुक्त बैठक हुई है। राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हंसराज सिंगला किसी कारणवश बैठक में नहीं पहुंच पाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मिलर्स की ओर से मिलिंग का काम पूरा किए हुए चार से पांच माह बीत चुके हैं। अभी तक भी सरकार ने लगभग 80 करोड़ रुपये का बोनस नहीं दिया है, जिससे मिलर्स में रोष है। बुधवार तक यदि बोनस नहीं दिया गया तो मिलर्स हड़ताल पर जाने समेत कोई भी फैसला ले सकते हैं।
उन्होंने कहा कि एफसीआई ने वर्ष 2019 व 2020 के लिए मिलर्स को दिया गया मालभाड़ा वापस मांगा है। लगभग पंद्रह करोड़ रुपये का यह भार मिलर्स पर डाला जा रहा है। इस संबंध में मिलर्स ने सीएम से मिलकर समस्या के समाधान की मांग की थी। इस पर सीएम ने एफसीआई के जीएम से भी बात की थी।
छाबड़ा ने कहा कि मिलर्स की मांग है कि लोडिंग-अनलोडिंग सहित तमाम तरह के भुगतान का एक ही तरह का बिल बनाकर करवाया जाए। इसके लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि मिलर्स को अधिकारियों के चक्कर न लगाने पड़ें। अब एक अक्तूबर से धान की खरीद होनी है। सरकार 28 सितंबर तक पैडी पॉलिसी जारी करने की बात कर रही है।
आढ़तियों की हड़ताल के कारण किसानों की मौजूदा समस्या पर उन्होंने कहा इशारे में कहा कि यदि कृषि कानून लागू होते तो आज किसान को कोई परेशानी नहीं होती। छाबड़ा ने कहा कि मिलर्स अपने हकों के लिए हर संभव संघर्ष करेंगे। बैठक का संचालन सचिव राजेंद्र सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रदेश के वरिष्ठ उप्रधान विनोद गोयल, प्रदेश महासचिव राजेंद्र सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष मोंटू अरोड़ा, राज्य सचिव राजेंद्र मोंगा, पिहोवा एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश सैनी, सौरभ गुप्ता, बालकिशन लांबा आदि मौजूद रहे।