जिले के चीका में सड़क पर खड़े ट्रक। संवाद
कैथल। जिले के 65 राइस मिलरों ने तय समय यानी 30 जून तक सरकारी चावल की रिकवरी नहीं दी। ये सरकार का 9.50 करोड़ का चावल दबा कर बैठे हैं। इसे लेकर डीएफएससी, हैफेड और वेयरहाउस एजेंसियों ने इन राइस मिलरों को नोटिस जारी किए हैं।
धान की मिलिंग कर कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) सरकारी गोदामों में जमा न कराने की मनमानी पर प्रारंभिक कार्रवाई की गई है। फिर भी अगर चावल नहीं लौटाया जाता तो जुर्माने आदि की कार्रवाई भी की जा सकती है।
हालांकि राइस मिलरों ने समय सीमा आगे बढ़ाने की मांग की है। इस सीजन में तीनों खरीद एजेंसियों की ओर से कुल 171 राइस मिलरों को सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) तैयार करने के लिए सरकारी धान आवंटित किया गया था। इनमें हैफेड के 86, हैफेड के 50 और वेयरहाउस के 35 मिलर हैं। इनमें से 106 मिलरों ने तो अपना कोटा समय पर पूरा कर दिया लेकिन 65 मिलर डिफॉल्टर साबित हुए। सबसे ज्यादा डीएफएससी के 33 मिलरों ने सरकारी चावल नहीं लौटाया। हैफेड एजेंसी के 20 मिलर चावल दबाकर बैठे हैं। वहीं वेयरहाउस के 12 मिलरों ने गोदामों में चावल जमा नहीं कराया।
जिले के चीका में सड़क पर खड़े ट्रक। संवाद