संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला परिषद में हुए करोड़ों रुपये के सफाई घोटाला मामले में मास्टरमांइड आरोपी सहित अन्य सात आरोपियों की 10 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। ऐसे में अब एसीबी की ओर से इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जल्द ही इनाम घोषित किया जाएगा।
एसीबी ने इस मामले में 151 पंचायतों के 400 लोगों के बयान लिए हैं। वहीं, अब एसीबी ने गिरफ्तार एसडीओ की ओर से खरीदे गए प्लाट की जानकारी के लिए राजस्व विभाग से रिकॉर्ड मांगा है। इसके साथ ही जिला परिषद की ओर से मांगे गए रिकॉर्ड के तहत जिला परिषद के अधिकारी एसीबी को रिकॉर्ड देने के लिए उसे एकत्रित कर रहे हैं। इस रिकॉर्ड को एकत्रित करने के बाद इसे एसीबी को दिया जाएगा।
यह है पूरा मामला ः वर्ष 2021 में जिला परिषद के माध्यम से करीब 12 करोड़ रुपये की राशि की ग्रांट को मंजूरी मिली थी। इसमें से 10.16 करोड़ रुपये की राशि कामों के लिए आई। जिसमें से आरोपियों ने सात करोड़ रुपये का गबन किया और करीब 30 प्रतिशत तक राशि से काम करवाए। इस घोटाला में कुल 15 आरोपी शामिल हैं, लेकिन इसमें से अभी तक केवल सात आरोपियों की गिरफ्तारी ही हो पाई है।
इनमें एसीबी ने अब तक कैथल में पंचायती राज के एसडीओ रहे रोहतक के एक्सईएन नवीन, कैथल में पंचायती राज के जेई जसबीर सिंह, अकाउंटेंट कुलवंत के साथ पंचायती राज के ठेकेदार गांव फरियाबाद निवासी दिलबाग सिंह, गांव फतेहपुर निवासी अभय संधू, ठेकेदार राजेश व पूंडरी निवासी अनिल को गिरफ्तार किया है। मामले में दर्ज एफआईआर के मुताबिक जेई जयवीर और साहिल व ठेकेदार भाजपा नेता प्रवीन सरदाना, रोहताश, कमल, प्रवीन सरदाना, तिलक राज व सुमित को आरोपी बनाया गया है। एसीबी कैथल के प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि यदि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई तो वे जल्द ही मुख्यालय से अनुमति लेकर मास्टर माइंड सहित अन्य आरोपियों पर इनाम रखेंगे।