संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद अब जल्द ही आचार संहिता हटते ही शहर में रुके हुए विकास कार्य शुरू होंगे। इसके तहत पिछले लंबे समय से रुके हुए शहर के ड्रीम प्रोजेक्ट सिटी स्क्वॉयर का निर्माण कार्य भी जल्द ही शुरू होगा।
गौरतलब है कि पिछले लंबे से इस परियोजना के तहत काम रुकने के कारण पार्षदों में काफी रोष था। इसके बाद नगर परिषद की ओर से इस परियोजना के तहत निर्माण करने वाले एजेंसी को निष्कासित कर ठेके परियोजना की निविदा सूचना भी रद्द की है।
निविदा सूचना के रद्द करने के बाद विपक्षी पार्षद मुखर हुए थे और पुरानी एजेंसी से जुर्माना भरवाने की मंग की है। वहीं, इस परियोजना पर 54 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य होना है। अब आचार संहिता हटते ही नगर परिषद की सदन की बैठक में ही इस परियोजना की नई एजेंसी हायर की जाएगी। इसके बाद ही इस योजना पर कुछ कार्य हो पाएगा।
वर्ष 2018 में जारी हुई थी निविदा सूचना लेकिन अब तक पूरा नहीं हो पाया कार्य
नगर परिषद ने सिटी स्क्वायर के निर्माण के लिए वर्ष 2018 में निविदा सूचना जारी की थी। इसका कार्य 2020 तक पूरा करना था। बाद में कार्य पूरा न होने पर इसकी समय सीमा 31 दिसंबर 2023 तक बढा दी गई थी और इसकी राशि भी 38 से 54 करोड़ कर दी गई थी, लेकिन इसका कार्य अब तक काम पूरा नहीं हुआ। अब तक केवल 10 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ। शुरूआत में ही नगर परिषद में पार्षदों ने इसका विरोध किया था।
24 अप्रैल 2024 को ज्ञापन दिया गया। यह कंपनी कई जगह ब्लैक लिस्टे़ड है। शर्मा ने कहा कि यह शुरू से ही विवादों में रहा है। इसका ठेकेदार शंशाक आनंद पहली बार में ही नगर परिषद के अधिकारियों व चेयरमैन को गुमराह करके काम से अधिक एडवांस पेमेंट ले गया था। इसका सभी पार्षदों ने विरोध किया था। इसके निर्माण कार्य में लापरवाही व भ्रष्टाचार देखा गया। इसका पार्षदों ने विरोध किया था। इसे लेकर 25 मार्च 2019 को 11 कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था, जो न्यायालय में विचाराधीन है। इसका 38 करोड़ की निविदा सूचना जारी की गई। इसमें 30 मरले में निर्माण कार्य करवाया जाना था।
इसमें पार्किंग की व्यवस्था की जानी थी। शुरू से ही इस पर ग्रहण लग गया तथा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। बाद में सरकार ने 38 करोड़ की निविदा सूचना को 54 करोड़ रुपये में दे दिया। इसके बाद पार्षदों ने अधिकारियों को ज्ञापन दिया। 31 मई को यह निविदा सूचना रद्द कर दी।
मामले में पहले भी मुखर हो चुके हैं पार्षद
निर्माणाधीन सिटी स्क्वेयर मामले में शहर के पार्षद पहले भी मुखर हो चुके हैं। अप्रैल में कई पार्षदों ने इसका निर्माण कार्य धीमा होने का आरोप लगाया था। साथ ही संबंधित ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की मांग कर उससे जुर्माना वसूलने के लिए नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी कुलदीप मलिक को ज्ञापन सौंपा था। विरोधों के चलते ही संबंधित एजेंसी को अब काम से हटा दिया गया है।