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बैंकों से करोड़ों हड़पने वाले गिरोह का खुलासा, तीन गिरफ्तार

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। पुलिस ने बैंकों से जालसाजी करके करोड़ों रुपये हड़पने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सरगना सहित 3 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। एक आरोपी से पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में बैंक की हड़पी गई 1,70,000 की नकदी बरामद कर ली गई है। तीनों आरोपी 6 अप्रैल को अदालत में पेश किए गए, जहां से गिरोह सरगना सहित 2 आरोपियों का न्यायालय से 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है, जबकि तीसरा आरोपी अदालत के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एसपी लोकेंद्र सिंह ने कहा कि गांव आंहू स्थित सेंट्रल बैंक के प्रबंधक प्रिंस मित्तल की शिकायत पर 8 जनवरी 2019 को थाना ढांड में दर्ज अभियोग के अनुसार कुछ आरोपियों ने बोगस दस्तावेज तैयार करके बडे़ पैमाने पर नकदी का गबन कर लिया गया। एसपी ने बताया कि 2 अप्रैल को 49 वर्षीय आरोपी बलवान सिंह निवासी पूंडरी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसका 3 अप्रैल को न्यायालय से 6 अप्रैल तक 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। आरोपी से पूछताछ दौरान उसके कब्जे से सेंट्रल बैंक आहूं से हड़पी गई 1,70,000 की नकदी बरामद कर ली गई है। बलवान से से पूछताछ के बाद सरगना करीब 41 वर्षीय नरेश कुमार निवासी पूंडरी व नरेश के सहायक करीब 23 वर्षीय आरोपी रोहित निवासी चंदलाना को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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आरोपी नरेश कुमार ने कबूला कि उसने जाली कागजात में प्रयुक्त की गई मोहरें अपने दोस्त के पास उत्तराखंड हरिद्वार मेें छिपा रखी है, जिनको वह बरामद करवा सकता है। आरोपी रोहित ने कबूला कि जब उसे पता चला कि सैंट्रल बैंक आंहू द्वारा उनके खिलाफ अभियोग अंकित करवा दिया गया, तो वह यह धंधा छोड़कर पंजाब तथा हिमाचल में मोबाइल टावरों में काम करने लग गया, जिसके मध्य वह कमीशन में प्राप्त हुई 50 हजार की नकदी घ्खर्च कर चुका है, परंतु वारदातों में प्रयुक्त किया गया अपना कंप्यूटर व प्रिंटर सोलन हिमाचल स्थित अपने किराए के कमरे में छिपा रखे है, जिनको वह बरामद करवा सकता है। दोनों आरोपियों का 6 अप्रैल को न्यायालय से 8 अप्रैल तक 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
लोन का दस प्रतिशत लेकर करते थे कागजों में हेरफेर
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पूंडरी क्षेत्र में सक्रिय बैंकों से फर्जी कागजात के लोन दिलवाने वाले गिरोह के तीन सदस्यों से पूछताछ में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। गिरोह के सदस्य दस प्रतिशत लोन की राशि में से कमीशन लेकर जमीन की फर्ज सहित अन्य कागजातों में हेरफेर करते थे जमीन की फर्द में से एक बैंक से लिए हुए लोन की राशि कंप्यूटर में हटाकर उसे क्लीयर दिखाते हुए दूसरे बैंक से लोन ले लेते थे।
एक केस में पंद्रह एकड़ जमीन पर एक करोड़ 66 लाख रुपये का लोन लिए जाने का खुलासा हुआ। रिमांड के दौरान ऐसे अनेकों खुलासे होने की उम्मीद है। एसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया आरोपी नरेश कुमार से गहनता पूर्वक व्यापक पूछताछ की गई तो उसने कबूला कि वह कमीशन पर बैंकों से लोन करवाने का काम करता है, जिस कारण उसकी तहसील कार्यालय व कई बैंकों में काफी अच्छी जान पहचान व सांठगाठ है। उसकी रोहित निवासी चंदलाना से गांव का भांजा होने कारण अच्छी जान-पहचान थी।
कंप्यूटर का जानकार होने कारण रोहित को भी लोगों की जमीनी की फर्द में फेर बदल करके विभिन्न लोगों को अलग-अलग बैंकों से लोन दिलवाने के धंधे में अपने साथ मिला लिया, जिसकी एवज में आरोपी नरेश कुमार बैंक से हुए लोन का 10 प्रतिशत हिस्सा कमीशन के तौर पर ले लेता था और रोहित को प्रत्येक फर्द के फेरबदल की एवज में 2500 रुपये प्रति फर्द कमीशन देता था। आरोपी नरेश ने कबूला कि वह जाली मोहरों की मार्फत बोगस कागजात तैयार करते समय पटवारी के जाली हस्ताक्षर स्वयं कर लेता था, अब तक विभिन्न लोगों से कमीशन के तौर पर करीब 25 लाख रुपये नकदी ले चुका है, जिसमें से लगभग 50 हजार रुपये उसने फर्दों में बदलाव करने के एवज में अपने साथी रोहित को दे दी थी।
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15 एकड़ जमीन लिया एक करोड़ 66 लाख का लोन
एसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी बलवान सिंह ने अपनी 15 एकड़ जमीन पर एचडीएफसी बैंक से 9 लाख रुपये का लोन लिया, जिसके बाद आरोपी नरेश कुमार की मदद से जमीन पर लोन क्लीयर दिखाकर कुछ दिन बाद कार्पोरेशन बैंक पूंडरी से 20 लाख रुपये, इसी प्रकार एक्सिस बैंक बस्तली जिला करनाल से 20 लाख लोन, सैंट्रल बैक आहूं से 15 लाख, बैंक ऑफ ईडिंया तरावड़ी जिला करनाल से 15 लाख, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया कैथल से 24 लाख 50 हजार रुपये का लोन, सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक पूंडरी से 20 लाख 75 हजार, विजय बैंक कैथल से 22 लाख 50 हजार व इसी 15 एकड जमीन पर आईसीआईसीआई बैंक पिपली से 20 लाख रुपये के लोन सहित जालसाजी पूर्वक तरीके द्वारा एक करोड़ 66 लाख 75 हजार रुपये का लोन हासिल कर चुका था।
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