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फुटकर विक्रेताओं को देना पड़ेगा किराया

Sun, 09 Mar 2014 12:18 AM IST
कैथल
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नगर परिषद के क्षेत्र में सड़कों पर फड़ी, रेहड़ी, खोखा आदि लगाकर सामान बेचने वालों और छोटे दुकानदारों को अब 100 रुपये प्रति माह के हिसाब से किराया देना होगा। इसके साथ-साथ सभी को परिषद द्वारा तय समय सीमा में अपना रजिस्ट्रेशन भी करवाना होगा। इस संबंध में विभाग के निर्देश परिषद अधिकारियों को प्राप्त हो चुके हैं। प्रदेश में स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी 2014 के तहत इन निर्देशों का पालन किया जा रहा है।
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परिषद से मिली जानकारी के अनुसार सड़कों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर छोटी दुकानें लगाकर, रेहड़ी, खोखे या फिर अन्य माध्यमों से सामान बेचने वालों का अब परिषद द्वारा रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इसके तहत सभी को परिषद कार्यालय में जाकर इसके लिए निर्धारित 50 रुपये की रसीद कटवाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। अधिकारियों की गठित वेंडर कमेटी उनके लिए जगह का निर्धारण करेगी। रजिस्ट्रेशन होने पर संबंधित दुकानदार को छह वर्ग फुट का क्षेत्र सामान रखने के लिए वहीं छह वर्ग मीटर का क्षेत्र खरीदारों के खड़ा होने के लिए दिया जाएगा।

परिषद अधिकारी वेंडर के खड़ा होने के लिए सुबह छह से रात 10 बजे तक का समय निर्धारित करेंगे। टाउन वेंडिंग कमेटी रजिस्ट्रेशन संबंधी निर्णय लेगी। इस कमेटी में डीसी, सरकारी वकील, आरटीए, ईओ, कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई के अधिकारी शामिल होंगे। परिषद द्वारा की जाने वाली रजिस्ट्रेशन के तहत आवेदनकर्ता ही उस जगह दुकान चला सकेगा, वह किसी अन्य को नहीं दे पाएगा। उसे फोटोयुक्त रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा जिसकी समय-समय पर जांच होगी।
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एक साल बाद होगा रिन्यू
एक साल के लिए होने वाले रजिस्ट्रेशन के बाद यदि इसे रिन्यू नहीं करवाया जाता है या फिर समय पर किराया नहीं दिया गया तो परिषद अधिकारी 500 रुपये तक जुर्माना लगा सकते हैं। परिषद भी ऐसे दुकानदारों को बिना कोई नोटिस दिए नहीं उठा सकेगी। जिस क्षेत्र में दुकान चलाई जा रही है, यदि उसे नॉन वेडिंग जोन बनाया जाता है तो करीब सात दिन पहले दुकानदारों को जानकारी देनी होगी। बताया जा रहा है कि रजिस्ट्रेशन करवाने वाले दुकानदारों के खोखो, रेहड़ी आदि का बीमा भी होगा जिसके चलते नुकसान होने की स्थिति में उनके नुकसान की भरपाई करवाई जा सके।

पंजीकरण करवाएं : अधिकारी
परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीएन भारती ने बताया कि रजिस्ट्रेशन कार्य शुरू कर दिया गया है। नई नीति से बहुत से लोगाें को लाभ पहुंचेगा, वहीं नुकसान की स्थिति में उन्हें बीमा मिलने से लाभ भी मिलेगा। सभी वेंडर का आह्वान किया जाता है कि वे नगर परिषद कार्यालय में आकर अपना पंजीकरण करवा लें।
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