संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। संसार में कई प्रकार के नशे होते हैं। चाहे वह धन, ताकत, सत्ता, पद, शराब या किसी प्रकार की ड्रग्स का हो, ये सभी मनुष्य को कुमार्ग पर ले जाने वाले होते हैं। नशे सहित सामाजिक बुराइयों को ढृढ़ संकल्प एवं ढृढ़ इच्छा शक्ति से छोड़ा जा सकता हैं। यह बात डीसी प्रीति ने कही।
वह बुधवार को एनआईआईएलएम यूनिवर्सिटी में जिला रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से आयोजित किए गए नशा मुक्ति सेमिनार में बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि सभी युवा अपनी ऊर्जा का सही इस्तेमाल करें। वे सही दिशा में मेहनत करके अपने चरित्र को गढ़ेंगे तो हम सभी मिलकर एक सभ्य समाज का निर्माण करने में सफल होंगे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे जैसी कुरीति को समाज से खत्म करने के लिए सरकार व प्रशासन का सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि युवा अपने चरित्र को अच्छे से गढ़कर खुद के जीवन को संवार भी सकते हैं और बुराइयों में फंस कर अपने जीवन को खराब दिशा में भी ले जा सकते हैं। मोबाइल से दिन में कम से कम एक घंटा दूर रहें तो दिमाग में अच्छे विचार आएंगे। युवा स्वयं भी नशे से बचें और अपने आस-पास यदि नशे से जुड़ी कोई गतिविधि देखें तो अपने अध्यापकों को सूचना दें। अध्यापक हमें सूचित करेंगे तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
डीसी ने कहा कि बच्चे स्वयं हेलमेट का प्रयोग करें और घर से बाहर जाते समय अपने अभिभावकों से भी यातायात के नियमों का पालन करने के लिए विनम्र तरीके से बात करें। कोई भी हुक्का या नशा ऑफर करें तो ना कहने की आदत डालें।
इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसायटी में प्रशिक्षण ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलवाई गई। इस मौके पर नीलम यूनिवर्सिटी कैथल के वायस चांसलर शमीम अहमद, डॉ. राजीव दहिया, डॉ. दीपक, डॉ. विनय गुप्ता मौजूद रहे।