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राज्यस्तरीय समाचार हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान व कार्यकारिणी से मांगा इस्तीफा

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50-कैथल। नीम साहेब गुरूद्वारे में बैठक के दौरान जानकारी देते हुए 21 सदस्य। - फोटो : Kaithal
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हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान संत बलजीत सिंह दादूवाल व उनकी ग्यारह सदस्यीय कमेटी को अवैध बताकर मंगलवार को 21 सदस्यों ने कैथल के गुरुद्वारा नीम साहब में बैठक कर सर्वसम्मति से अवैध बताकर इस्तीफा मांगा है।
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बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सदस्य दीदार सिंह नलवी ने कहा कि बाबा बलजीत सिंह दादूवाल चुनाव के माध्यम से हरियाणा कमेटी के प्रधान बने थे। इसके बाद नियमानुसार उन्हें जनरल बॉडी की बैठक में बहुमत साबित करना था। लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए। उन्होंने एक्ट के विपरीत अपनी अलग ग्यारह सदस्यीय कार्यकारिणी बना ली। जबकि इसके लिए जनरल बॉडी से सहमति लेनी थी। वर्ष 2020-21 व 2021-22 के लिए जनरल बॉडी से बजट मंजूर करवाना था, वह भी नहीं कराया।
इस तरह से हरियाणा की गुरुद्वारों की गोलक से लाखों रुपया खर्च किया जा रहा है। जो नियमानुसार नहीं है। नलवी ने आरोप लगाते हुए कहा कि बाबा बलजीत सिंह व उनकी कार्यकारिणी एक्ट के विपरीत अवैध तरीके से प्रशासनिक व वित्तीय काम कर रही है। इसके साथ-साथ हरियाणा सरकार ने एक्ट के विपरीत दस नए सदस्य बना दिए। अब सदस्य 51 हो गए हैं। जो एक्ट के अनुसार नहीं है। इसीलिए मंगलवार को गुरुद्वारा नीम साहब में बैठक करके जनरल बॉडी के 21 सदस्यों ने सर्वसम्मति से फैसला लेते हुए बाबा बलजीत सिंह व उनकी ग्यारह सदस्यीय कार्यकारिणी को अवैध करार देते हुए उनसे इस्तीफा मांगा है। यदि वे ऐसा नहीं करते तो सरकार के समक्ष इस मुद्दे को उठाएंगे और यदि सरकार भी एक्ट के विपरीत काम करती है तो कोर्ट की शरण लेनी होगी।
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इन आरोपों पर एचएसजीएमसी के प्रधान संत बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि जो भी कमेटी बनाई गई है, वह नियमानुसार है। पहले भी सरकार ने ही 41 सदस्य बनाए थे, अब फिर 10 सदस्य बनाए हैं। जगदीश सिंह झींडा पर भी दीदार सिंह नलवी ने आरोप लगाए थे। अब उनके ऊपर भी आरोप लगाए जा रहे हैं और संगत को गुमराह किया जा रहा है। वह खुद को सीनियर वाइस प्रेजीडेंट लिखते हैं, जो कि गलत है। इस समय सीनियर वाइस प्रेजीडेंट करनैल सिंह निमनाबाद है। यदि फिर भी दीदार सिंह नलवी को कुछ गलत लगता है तो वह कोर्ट जा सकते हैं।
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