प्रधान सतपाल जैन के साथ बहस करते हुए चीका अनाज मंडी एसोसिएशन के सदस्य।
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हरियाणा के कैथल जिले में चीका अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन की बैठक में शनिवार को उस समय हंगामा हो गया, जब कार्यकारिणी के 11 सदस्यों में से आठ ने एसोसिएशन के प्रधान सतपाल जैन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वालों में स्वर्ण जीत सिंह वोहरा, सुरेश प्रजापति, राज कुमार जाखौली, ईश्वर सीड़ा, सुरेंद्र सिंगला, सोहन लाल, जय पाल गर्ग व सुखप्रीत शेरगिल शामिल हैं।
नाराजगी जताते हुए वरिष्ठ सदस्य स्वर्णजीत सिंह वोहरा व सुरेश प्रजापति ने बताया कि गेहूं के सीजन के दौरान सरकार ने ठेकेदार होशियार सिंह के नाम गेहूं ढुलाई का टेंडर छोड़ा था, लेकिन जब गेहूं का सीजन अपने उफान पर था और मंडी गेहूं के कट्टों से भर गई तो संबंधित ठेकेदार व आढ़ती एसोसिएशन ने फैसला लिया कि गेहूं के कट्टों की भीड़ कम करने के लिए आढ़ती स्वयं भी अपने वाहनों से गेहूं के कट्टों की ढुलाई करते हैं तो ठेकेदार सीजन के बाद उसका दो रुपये 50 पैसे प्रति कट्टा के हिसाब से भुगतान आढ़तियों को कर देगा।
स्वर्णजीत सिंह वोहरा ने आरोप लगाते हुए कहा कि अब ठेकेदार ने भुगतान का पैसा प्रत्येक आढ़ती को देने की अपेक्षा एसोसिएशन के प्रधान सतपाल जैन को दे दिया और वह आढ़तियों को महज दो रुपये कट्टा का भुगतान कर रहे हैं। स्वर्णजीत वोहरा व सुरेश प्रजापति ने बताया कि आढ़तियों ने लगभग 20 लाख कट्टे गेहूं की ढुलाई की है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इस हिसाब से प्रधान आढ़तियों को सीधे तौर पर 10 लाख रुपये का चूना लगा रहे हैं। सदस्यों ने कहा कि एसोसिएशन पहले ही 1200 रुपये प्रति लाइसेंस खर्च के रूप में ले चुकी है तो अब 50 पैसे प्रति कट्टा खर्च के नाम पर रखना किसी भी प्रकार से उचित नहीं है। सदस्यों ने कहा कि एसोसिएशन को भंग किया जा चुका है व प्रधान सतपाल जैन बहुमत खो चुके हैं।
दूसरी ओर प्रधान सतपाल जैन ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि पिछले दस साल के दौरान यह पहला मौका है जब एसोसिएशन ठेकेदार से आढ़तियों को गेहूं ढुलाई का किराया दिलवा रही है। जैन कहा कि कुल नौ लाख कट्टों की ढुलाई के 2 रुपये 50 पैसे प्रति कट्टा ठेकेदार से आया है जिसमें से दो रुपये प्रति कट्टा आढ़तियों को दिया जा रहा है और मात्र 50 पैसे प्रति कट्टा एसोसिएशन के साल भर के खर्च के लिए रखा है।