श्रद्धालुओं ने मां ब्रहमचारिणी की पूजा कर मन्नतें मांगी
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मंगलवार से शुरु हुए नवरात्रों को लेकर मां भगवती के भक्तों में भारी उत्साह है। नवरात्र के उपलक्ष्य में जिला के सभी मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ रही है। बुधवार को दूसरे नवरात्र पर श्रद्धालुओं ने मां ब्रहमचारिणी की पूजा कर मन्नतें मांगी। नवरात्र के पावन अवसर पर बड़ी देवी माता मंदिर में सुबह व शाम को होने वाली आरती में शहरभर के सैंकड़ो पुरुषों व महिलाओं ने भाग लिया। उन्होंने मां की ज्योति को जलाकर मां के रुप का ध्यान लगाया। मंदिरों में पूरा दिन मां के जयकारे गूंजते रहे। हनुमान वाटिका के पंडित प्रेमशंकर शास्त्री ने बताया कि मां ब्रहमचारिणी ब्रहमा जीकी शक्ति है। जिस कारण मां का स्वरुप ब्रहचारिणी के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इनका उद्भव ब्रहमा जी सृष्टि के सर्जक है। जब मानस पुत्रों से सृष्टि का विस्तार नहीं हुआ तो ब्रहमा जी की इस सृष्टि का विस्तार किया। इसी कारण स्त्री को सृष्टि का कारक माना गया। ब्रमिचारिणी देवी ज्ञान, वैराग्य, और ध्यान की अधिष्टात्री है। इसकी पूजा से सभी मनोकामनाए पूर्ण होती है।
महिलाओं ने भजनों से किया मां का गुणगान
उधर राजौंद में दूसरे नवरात्रे के उपलक्ष में श्रद्धालुओं ने मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की। नवरात्रे पर्व शुरु होते ही दुकानों पर एक बार फिर चहल पहल लौट आई। पिछले कई दिनों से मंदी की मार झेल रहे दुकानदारों को भी अब ग्राहकों की आस बदी है। नवरात्रों से संबधित सामान खरीदने वाले श्रद्धालु प्रसाद, नारियल, आलू, कुट्टू का आटा खरीद रहे है। उधर दूसरे नवरात्रे को लेकर मंदिर में नगर की महिला संकीर्तन मंडल द्वारा भजनों का आयोजन किया गया। जिसमें मां दुर्गा भवानी के भजनों से सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। इस दौरान महिला संकीर्तन मंडल की सदस्यों ने बताया कि वैसे तो हर पर्व में पूजा करने का फल भगतों का प्राप्त होता है। परंतु नवरात्रों के दौरान मां भगवती की पूजा करने से मां अपने भगतों पर विशेष कृपा करती है। इस दौरान सैकड़ों महिलाओं ने भजन कीर्तन में भाग लिया व मां भवानी के भजनों से आनंदमय हुई।