संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका, कैथल। प्लॉट की रजिस्ट्री करवाने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गुहला तहसील के रजिस्ट्री कलर्क को एंटी करप्शन ब्यूरो अंबाला की टीम ने रंगेहाथों काबू किया है। विजिलेंस की टीम का नेतृत्व डीएसपी मुकेश जाखड़ कर रहे थे व जिला कृषि उप निदेशक कैथल बाबू लाल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया था।
चीका निवासी विजय कुमार ने बताया कि वह अपनी पत्नी उमा के नाम अमर सिटी कॉलोनी में एक प्लॉट की रजिस्ट्री करवाना चाहता था। इसके लिए विजय कुमार ने 23 जनवरी को रजिस्ट्री की सरकारी फीस जमा करवाकर रजिस्ट्री के टोकन लगवाए थे। विजय ने बताया कि जब वह रजिस्ट्री करवाने तहसील कार्यालय में गया तो वहां पर मौजूद रजिस्ट्री कलर्क प्रदीप कुमार ने 10 हजार रुपये की मांग की। विजय ने बताया कि कलर्क प्रदीप ने यह रिश्वत तहसीलदार के नाम से मांगी थी। विजय ने बताया कि जब बार बार चक्कर लगाने के बाद भी कलर्क प्रदीप रजिस्ट्री करने का तैयार नहीं हुआ तो आखिर में उसने विजिलेंस अंबाला से संपर्क करना पड़ा। आज एसीबी अधिकारियों ने रंग लगे 10 हजार रुपये के नोट देकर विजय को तहसील कार्यालय गुहला में भेजा जहां पर विजय ने जैसे ही ये रुपये रजिस्ट्री कलर्क प्रदीप कुमार को दिए उसी समय एसीबी की टीम ने कलर्क प्रदीप को रंगेहाथों काबू कर लिया। विजिलेंस की टीम ने मौके पर ही उचित कार्रवाई करते हुए कलर्क प्रदीप को हिरासत में ले लिया और अपने साथ अंबाला ले गई।
गौरतलब है कि गुहला तहसील भ्रष्टाचार को लेकर पिछले काफी समय से सुर्खियों में है। तहसील कार्यालय में पनप रहे भ्रष्टाचार के विरोध में पिछले दिनों गुहला बार एसोसिएशन के सदस्यों ने दो दिनों तक तहसील के सामने धरना दे प्रदर्शन भी किया था। बार एसोसिएशन के सदस्यों का आरोप था कि तहसील कार्यालय में कोई भी काम पैसे दिए बीना नहीं होता। मंगलवार को एक रजिस्ट्री कलर्क के रिश्वत लेते पकड़े जाने पर बार एसोसिएशन के सदस्य ने इसे सरकार की अच्छी पहल बताया है।