जिले के चीका में सड़क किनारे खड़े ट्रक। संवाद
कैथल। कस्टम मिल्ड राइस जमा कराने की अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी राइस मिलर पूरा चावल एजेंसियों को नहीं लौटा पाए।जिले के राइस मिलरों पर अभी भी करीब 9.50 करोड़ रुपये की कीमत का करीब 24 से 25 हजार एमटी चावल बकाया है। सरकार की ओर से कस्टम मिल्ड राइस जमा कराने की अंतिम तिथि 30 जून थी। हालांकि आखिरी दिन देर शाम तक मिलर गोदामों में गाड़ियां लगवाकर चावल उतरवाने का प्रयास करते रहे लेकिन इसके बावजूद शत-प्रतिशत रिकवरी नहीं हो पाई।
सरकारी नियमों के मुताबिक डेडलाइन खत्म होने के बाद नियमानुसार डिफॉल्टर मिलरों पर जुर्माना लगाने, ब्याज वसूलने या उन्हें काली सूची में शामिल करने जैसी कार्रवाई हो सकती है। हालांकि विभाग के अधिकारियों की तरफ से अभी ऐसी कोई सख्त तैयारी नहीं दिख रही है।
हरियाणा राइस मिलर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा का कहना है कि अब की बार काम देरी से शुरू हुआ। समय पर एफआरके की भी दिक्कत रही। सरकार से मांग है कि समय सीमा आगे बढ़ाई जाए। राइस मिलर चावल का दाना-दाना लौटाएंगे।
जिले के चीका में सड़क किनारे खड़े ट्रक। संवाद