कैथल। दिसंबर में होने वाले आरकेएसडी शिक्षण संस्था के चुनावों से पहले ही राजनीति गरमा गई है। 2024 में अपना नया आरकेएसडी वेलफेयर ग्रुप बनाकर सभी 21 कॉलेजियम पर आरके ग्रुप यानी सतीश बंसल, साकेत मंगल और शोरेवाला गुट के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले रवि भूषण गर्ग शुक्रवार को फिर से आरके ग्रुप में शामिल हो गए।
उन्होंने एक निजी होटल में प्रेस काॅन्फ्रेंस कर इसका एलान किया। आरके ग्रुप से वर्तमान में आरकेएसडी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के प्रधान अश्विनी शोरेवाला, पूर्व प्रधान साकेत मंगल और पंकज बंसल ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि रवि भूषण गर्ग पहले भी ग्रुप के साथ रहे हैं और एक बार फिर वे अपने घर लौट आए हैं। वहीं एक माह पहले रवि भूषण गर्ग के बेटे हिमांशु गर्ग के अश्विनी शोरेवाला गुट के साथ प्रेस वार्ता करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे बीमार थे और बेटे को पता नहीं था कि उन्होंने अपने पुराने साथियों से क्या वादा किया है।
उन्होंने अब वापस अपने पुराने साथियों के साथ जाने का फैसला किया है। हालांकि आज अलग गुट बनाने वाले अनिल शोरेवाला खुद 2024 में आरके ग्रुप के साथ मिलकर चुनाव लड़े थे लेकिन कुछ दिन पहले उन्होंने अलग चुनाव लड़ने का एलान करते हुए खुद को प्रधान के रूप में प्रोजेक्ट किया था और माना जा रहा है कि यही बात रवि भूषण गर्ग को पसंद नहीं आई। इस बीच आरके ग्रुप यानी सतीश बंसल, साकेत मंगल, अश्विनी शोरेवाला, पंकज बंसल व श्याम बंसल सभी रवि भूषण गर्ग को मनाने में लगे रहे और शुक्रवार को उन्होंने इसमें कामयाबी हासिल करते हुए एक साथ होने का एलान कर दिया।
उन्हें पहले ही अंदेशा था, वही हुआ : अनिल शोरेवाला
राष्ट्रीय विद्या समिति के पूर्व में प्रधान रह चुके और हरियाणा के पूर्व वित्त मंत्री रहे चौ. चरणदास शोरेवाला के पुत्र अनिल शोरेवाला का कहना है कि उन्हें इसका पहले ही अंदेशा था। दूसरा ग्रुप कितना कमजोर है, इसका इसी से पता चलता है कि वे लगातार उनके ग्रुप में सेंध लगाने के प्रयास कर रहे हैं जबकि उनका ग्रुप कहीं ज्यादा मजबूत है और इस कदम से उनके ग्रुप को और ज्यादा मजबूती मिलेगी। उनका ग्रुप सभी कॉलेजियम पर लड़ेगा और जीत दर्ज करेगा। अनिल शोरेवाला वर्तमान में संस्था के प्रधान अश्विनी शोरेवाला के चचेरे भाई हैं।
कौन हैं रवि भूषण गर्ग ?
रवि भूषण गर्ग वर्तमान में सनातन धर्म मंदिर सभा के प्रधान हैं और वे एसएस बाल सदन स्कूल के संचालक हैं। वे पूर्व में भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक व पूर्व में भाजपा के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। पिछले कई वर्षों से आरके ग्रुप आरकेएसडी संस्था के चुनाव में एकतरफा जीत दर्ज कर रहा था और इसी दावेदारी को खत्म करने के लिए उन्होंने 2024 में आरकेएसडी वेलफेयर ग्रुप बनाते हुए सभी 21 कॉलेजियम पर चुनाव लड़ा था। उनके ग्रुप ने दो कॉलेजियम पर जीत भी दर्ज की थी लेकिन दिसंबर में होने वाले चुनाव से पहले वे 2024 में जिनके खिलाफ खड़े हुए थे, आज फिर से उस ग्रुप के साथ लौट आए हैं।
21 कॉलेजियम में होगा चुनाव
आरकेएसडी संस्था के दिसंबर में 21 कॉलेजियम पर चुनाव होंगे। वर्तमान में संस्था में 2971 वोटर हैं, जो हरियाणा के साथ-साथ देश के अलग-अलग राज्यों में बसे हुए हैं। यही वोटर कॉलेजियम सदस्यों का चुनाव करते हैं।
1954 में हुई राष्ट्रीय विद्या समिति की स्थापना
आरकेएसडी (राधा कृष्ण सनातन धर्म) कॉलेज, कैथल की राष्ट्रीय विद्या समिति का गठन 1953-54 में हुआ था। समिति का आधिकारिक तौर पर पंजीकरण 18 जनवरी 1954 को (सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट एक्सएसआइडी, 1860 के तहत) हुआ था। सेठ माखन लाल ने अन्य लोगों के साथ मिलकर इस शैक्षणिक संस्था की स्थापना की थी। साल 1954 में कैथल शहर के पहले कॉलेज आरकेएसडी कॉलेज की स्थापना हुई। सेठ माखन लाल ने कॉलेज के लिए जमीन भी दान की थी। मौजूदा समय में कॉलेज, अन्य संस्थाएं और स्कूल में हजारों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।