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Kaithal News: संक्रामक बीमारी या महामारी की स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम गठित

Sun, 30 Aug 2026 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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नागरिक अस्पताल में बढ़ी मरीजों की भीड़। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। सिविल सर्जन की ओर से जिले में किसी भी संक्रामक बीमारी या महामारी की स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम यानि आरआरटी गठित की गई है। टीम में बच्चों के चिकित्सक, फिजिशियन, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, ईएनटी सर्जन व महामारी विशेषज्ञ शामिल हैं। टीम का नेतृत्व जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. नीरज मंगला कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर टीम तत्काल सक्रिय होकर जांच, निगरानी और आवश्यक कार्रवाई करेगी।
जिले में शनिवार को डेंगू और स्वाइन फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया। इससे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि अभी तक जिले में स्वाइन फ्लू के अब तक 5 मामले मिल चुके है। इनमें 4 पुराने हैं। अब तक डेंगू के तीन मरीज सामने आ चुके हैं। वहीं शनिवार को डेंगू का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। संक्रमण बढ़ने से जिला नागरिक अस्पताल व निजी अस्पतालों में मरीजों की ओपीडी बढ़ गई है और आने वाले समय में डेंगू व स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ सकते हैं। शनिवार को स्वाइन फ्लू का कोई नया सैंपल नहीं लिया गया है और वीरवार को करनाल कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है।
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स्वाइन फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, ठंड लगना और अधिक थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं। कुछ मरीजों में उल्टी या दस्त की शिकायत भी हो सकती है। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या लगातार तेज बुखार जैसे गंभीर लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
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स्वाइन फ्लू के जिले में अब तक 5 मामले मिल चुके हैं, लेकिन इनमें से 4 काफी पुराने हैं। जिले में संक्रामक बीमारी या महामारी की स्थिति से निपटने के लिए टीम का गठन किया गया है। - डॉ. रेणु चावला, सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग, कैथल।
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