कैथल। सीवन की एक युवती से गैंगरेप के आरोपी जितेंद्र का पॉलीग्राफ और वॉयस टेस्ट होगा। पुुलिस ने इस संबंध में न्यायालय से इजाजत मांगी थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। गौरतलब है कि युवती ने जितेंद्र सहित नौ लोगों पर सिटी थाने में सामूहिक दुराचार का केस दर्ज करवाया था।
उधर, पुलिस का कहना है कि दोनों टेस्टों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी होगी। वहीं, वीरवार को पीड़ित लड़की के परिजनों ने शहर में प्रदर्शन किया तथा एसपी को सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ज्ञापन सौंपा
ये है मामला
सीवन वासी एक युवती की शिकायत पर पुलिस ने कैथल निवासी जितेंद्र सरदाना, प्रवीण सरदाना सहित नौ लोगों के खिलाफ सामूहिक दुराचार, वीडियो बनाने और ब्लैकमेल करने के आरोप में केस दर्ज किया था। युवती का आरोप है कि आरोपियों ने साल 2011 में उसके साथ दुराचार किया और इसका वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल कर पैसे भी ऐंठे। आरोप है कि साल 2011 में युवती वन विभाग में कार्यरत थी तो उस दौरान जितेंद्र उससे पौधे लेने आया। इसके बाद आरोपी ने उससे मेलजोल बढ़ाया और रेप किया। इसके कुछ समय बाद उसके साथियों ने भी उससे सामूहिक दुराचार किया।
आरोपी को थाने बुलाने पर बुधवार को हुआ था हंगामा
इस मामले को पुलिस पर दबाव में केस दर्ज करने का आरोप लगाते हुए बुधवार देर रात तक लोगों ने थाना शहर में खूब हंगामा किया था। लोगों ने पूछताछ के लिए बुलाए गए जितेंद्र सरदाना को हिरासत में रखने पर विरोध जताया था। पुलिस ने मामले में वीरवार सुबह तक निष्पक्ष जांच कर लोगों की एक कमेटी के सामने सारे तथ्य रखने का आश्वासन दिया था। इसके बाद मामला शांत हुआ था।
युवती और आरोपी की वीडियो रिकार्डिंग पुलिस को सौंपी
वीरवार सुबह ही गीता भवन मंदिर मेें शहर के लोग एकत्रित होना शुरू हो गए। करीब दस बजे बातचीत कमेटी में शामिल इनेलो के जिला अध्यक्ष कैलाश भगत, भाजपा के जिला अध्यक्ष राजपाल तंवर, रविभूषण गर्ग, अरुण सर्राफ, अशोक गोयल, सुरेश गर्ग, रामदिया चावरिया, पाला राम सैनी, संजय भारद्वाज और रॉकी मित्तल एसपी से मिलने पहुंचे। जहां एसपी ने बताया कि पुलिस मामले में निष्पक्ष जांच कर रही है।
उन्होंने कहा कि आरोपी के पक्ष ने दोनों की बातचीत की जो रिकॉर्डिंग मुहैया करवाई है पुलिस उसकी जांच करवाएगी। इसके बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा। लेकिन पुलिस को आरोपी जितेंद्र को न्यायालय में पेश करना होगा। कमेटी के सदस्यों ने कहा कि जब पुलिस कहेगी, उसी समय उसे पेश कर दिया जाएगा। कमेटी सदस्यों के आश्वासन पर पुलिस ने सुबह जितेंद्र को छोड़ दिया। करीब दो बजे पुलिस ने जितेंद्र की सहमति लेकर उसे न्यायालय में पेश किया। जहां पुलिस ने कोर्ट से आरोपी के पॉलीग्राफ और वॉयस टेस्ट करवाने की अनुमति ली गई। रिपोर्ट आने तक पुलिस दोनों पक्षों की कॉल डिटेल्स सहित अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी रखेगी।
लड़की के परिजनों का प्रदर्शन
पीड़ित लड़की के परिजनों और सिख समाज के लोगों ने शहर में प्रदर्शन कर एसपी को ज्ञापन दिया। लोगों ने कहा कि कोई भी लड़की ऐसा आरोप नहीं लगा सकती। मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। यदि किसी के दबाव में आरोपियों को छोड़ा गया तो सिख समाज में रोष जताएगा। एसपी ने लोगों को आश्वस्त किया कि मामले में पूरी तरह से निष्पक्षता से जांच होगी।