भाई उदय सिंह के किले के जीर्णोद्धार के बाद इसमें संग्रहालय स्थापित किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों को कैथल के इतिहास के बारे में जानकारी दी जा सके।
यह जानकारी डीसी एनके सोलंकी ने बुधवार को किले के जीर्णोद्धार कार्य के निरीक्षण के दौरान दी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। देश की राजधानी दिल्ली में बने लाल किले की तर्ज पर ही इस किले की दीवारों पर रंग और आसपास का ढांचा बनाया जाएगा।
दस करोड़ की राशि खर्च हो रही है
सोलंकी ने कहा कि इस कार्य पर 10 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होगी, जबकि इसके सामने किले के दूसरी तरफ बनने वाले शहीद भगत सिंह खेल परिसर, जिसमें ओपन एयर थियेटर व खेल कोर्ट बनाए जाएंगे। इनके निर्माण कार्य पर तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इसी तरह कुल मिलाकर ओपन एयर थियेटर, खेल मैदान, बड़ा हाल, पार्किंग और मार्केट के निर्माण कार्य पर 14 करोड़ रुपये खर्च हाेंगे। उन्होंने बताया कि दो बेसमेंट तैयार होंगे। जहां पहले में 200 बाय 150 वर्ग गज का बड़ा हाल निर्मित होगा। वहीं, दूसरे बेसमेंट में इतनी ही जगह पर पार्किंग की व्यवस्था होगी। ग्राउंड फ्लोर पर भी एक पार्किंग बनाई जाएगी और उसके ऊपर पूरी जगह पर एक मार्केट का निर्माण होगा।
किले के 20 दरवाजे खोले गए हैं : डीसी
डीसी सोलंकी ने बताया कि किले के लगभग 20 दरवाजे खोले गए हैं। यह किला अंदर से दरवाजों के माध्यम से सिटी थाने की छत से जा मिला है। जीर्णोद्धार कार्य से ऐसा ढांचा निकलर सामने आ रहा है। इसके अंदर जाने पर एक दरवाजा अब अभी बंद पड़ा है, जिसे खोलने की कोशिशें निरंतर जारी हैं।
दरवाजे के खुलने के बाद संभवत: एक बड़ा हाल निकलकर सामने आएगा, जो भाईयों की रियासत के समय या उसके बाद की महत्वपूर्ण वस्तुओं को रखने के लिए एक संग्रहालय के रूप में काम में लाया जा सकेगा। किले के अंदर एक दूसरे को जोड़ने वाले दरवाजों के गलियारों के बीच लखनऊ की रेजिडेंसी की तर्ज पर फोक्स लाइटें लगाने का प्रावधान है। इससे पर्यटक किले को नजदीक से निहार सकेंगे।