कैथल। जिले के गांव बात्ता स्थित राजीव गांधी खंड स्तरीय खेल स्टेडियम बदहाल व्यवस्थाओं के कारण खिलाड़ियों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। करीब छह एकड़ क्षेत्र में फैला यह स्टेडियम बात्ता सहित आसपास के कई गांवों के खिलाड़ियों के लिए अभ्यास का प्रमुख केंद्र है लेकिन लंबे समय से रखरखाव नहीं होने के कारण यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
इससे रोजाना अभ्यास करने आने वाले खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खिलाड़ियों और ग्रामीणों का कहना है कि स्टेडियम में स्थापित जिम के अधिकांश उपकरण खराब पड़े हैं। कई मशीनें लंबे समय से बंद हैं जिससे खिलाड़ियों को फिटनेस प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। मजबूरी में खिलाड़ियों को या तो अधूरे संसाधनों से अभ्यास करना पड़ता है या फिर निजी जिम का सहारा लेना पड़ता है।
स्टेडियम का रनिंग ट्रैक भी अपनी बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। ट्रैक पर जगह-जगह घास उग आने से दौड़ लगाने में दिक्कत होती है। खिलाड़ियों का कहना है कि ट्रैक की नियमित सफाई और रखरखाव नहीं होने से चोट लगने का खतरा भी बना रहता है। प्रतियोगी परीक्षाओं और खेल प्रतियोगिताओं की तैयारी करने वाले युवाओं को इसका सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने खेल विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि जिम के खराब उपकरणों को बदला जाए, रनिंग ट्रैक की सफाई और मरम्मत कराई जाए, पेयजल की स्थायी व्यवस्था की जाए और शौचालयों को उपयोग योग्य बनाया जाए। उनका कहना है कि सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की बात करती है लेकिन जमीनी स्तर पर खेल स्टेडियमों की स्थिति सुधारने पर भी समान रूप से ध्यान देने की जरूरत है।
गर्मी में पीने के पानी तक की सुविधा नहीं
स्टेडियम में पेयजल की समुचित व्यवस्था भी नहीं है। गर्मी के मौसम में अभ्यास के दौरान खिलाड़ियों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। वहीं परिसर में बने शौचालय भी लंबे समय से बदहाल हैं। सफाई और रखरखाव के अभाव में उनकी स्थिति ऐसी हो गई है कि उनका उपयोग करना मुश्किल हो गया है।
कम हो रहा युवाओं का खेलों के प्रति उत्साह
ग्रामीण संदीप और आशीष ने बताया कि स्टेडियम में उपलब्ध अधिकांश संसाधन या तो खराब हैं या फिर रखरखाव के अभाव में उपयोग के योग्य नहीं बचे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुविधाओं को दुरुस्त नहीं किया गया तो क्षेत्र के खिलाड़ियों की खेल गतिविधियां प्रभावित होंगी और युवाओं का खेलों के प्रति उत्साह भी कम हो सकता है।
स्टेडियम में प्याऊ की स्थिति। संवाद
स्टेडियम में प्याऊ की स्थिति। संवाद
स्टेडियम में प्याऊ की स्थिति। संवाद