कैथल। शहर की जनता मार्केट में एक साधारण दुकान पर काम करने वाले राजेश सैनी ने अपनी मेहनत और लगन से खास पहचान बनाई है। पिछले नौ वर्षों से वे श्री गणेश ड्रामेटिक क्लब के सौजन्य से होने वाली रामलीला में हनुमान जी का किरदार निभा रहे हैं।
राजेश सैनी बताते हैं कि शुरुआत में उनके लिए मंच पर आना आसान नहीं था। स्टेज और दर्शकों के सामने बोलने का डर उन्हें परेशान करता था। इस डर को दूर करने के लिए उन्होंने शुरुआती दो वर्षों तक मूक अभिनय किया। धीरे-धीरे आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने राजा दशरथ के मंत्री सोमवंत सहित अन्य छोटे-छोटे किरदार निभाए।
उनकी मेहनत और समर्पण को देखते हुए उन्हें हनुमान जी का मुख्य किरदार निभाने का अवसर मिला, जिसने उनके जीवन को नई दिशा दी। राजेश सैनी का कहना है कि इस भूमिका ने उन्हें समाज में अलग पहचान दिलाई है। लोग अब उन्हें सम्मान की नजर से देखते हैं और उनके अभिनय की सराहना करते हैं।
उन्होंने बताया कि हनुमान जी के किरदार के लिए उन्हें लंबे संवाद याद करने पड़ते हैं, जिसके लिए वे नियमित रिहर्सल करते हैं। इससे उनकी याददाश्त और आत्मविश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। वे बताते हैं कि इस किरदार ने उन्हें अनुशासन, समर्पण, सेवा भावना और विनम्रता की सीख दी है। अब वे हर काम को पूरे मन से करने में विश्वास रखते हैं और जीवन की चुनौतियों का सामना पहले से अधिक साहस के साथ करते हैं।
श्री गणेश ड्रामेटिक क्लब के निदेशक धर्मवीर सतीजा के अनुसार, राजेश सैनी की सफलता उनकी लगन और मेहनत का परिणाम है। उन्होंने अपने डर को हराकर खुद को एक मजबूत कलाकार के रूप में स्थापित किया है।
प्रसिद्ध संवाद
बसे हैं जब के राम,
दिल में, जिगर में और सीने में,
क्योंकर न नजर आए राम,
इस छोटे से नगीने में।
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मैं गया था कौन सा तुझको बुलाने के लिए,
आप ही आए थे यहां झगड़ा फैलाने के लिए,
नाहक इतनी बात पर पीछे मेरे पड़ गए,
मारने आए थे मुझको, आप ही लेकिन मर गए।
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खेलकर मुश्टिक से क्यों,
सर पर बला लेता है तू,
किसलिए बेटे का दुख,
मां-बाप को देता है तू।
प्रकाश ने 25 वर्षों तक निभाया किरदार... लोग करते हैं याद
कैथल। शहर के तलाई बाजार निवासी 60 वर्षीय प्रकाश ने अपनी श्रद्धा, समर्पण और अभिनय के दम पर अलग पहचान बनाई है। उन्होंने वर्ष 1992 से 2017 तक 25 वर्षों तक रामलीला मंचन में भगवान हनुमान का किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों में विशेष स्थान बनाया।
वह श्री 11 रुद्री मंदिर से जुड़े श्री गणेश ड्रामेटिक क्लब के माध्यम से रामलीला में सक्रिय रहे। इस दौरान उन्होंने निर्देशक धर्मवीर सतीजा के मार्गदर्शन में हनुमान जी की भूमिका को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। खास बात यह कि प्रकाश ने अभिनय जीवन में केवल हनुमान जी का ही किरदार निभाया। उनका मानना था कि यह अभिनय नहीं, बल्कि भक्ति का माध्यम था।
भक्ति से बदला जीवन : प्रकाश बताते हैं कि जब से उन्होंने हनुमान जी का किरदार निभाना शुरू किया, उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगे। वे इसे हनुमान जी की कृपा मानते हैं। तलई बाजार में उनका कपड़ों का कारोबार भी बेहतर होता गया और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।
स्वास्थ्य कारणों से छोड़ी भूमिका : वर्ष 2017 में स्वास्थ्य कारणों के चलते उन्हें भूमिका को छोड़ना पड़ा। इसके बावजूद आज भी लोग उनके अभिनय को याद करते हैं और उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखते हैं। संवााद
29 हनुमान जी की वेशभूषा में प्रकाश स्वयं - फोटो : Samvad
29 हनुमान जी की वेशभूषा में प्रकाश स्वयं - फोटो : Samvad