कलायत। बारिश के बाद खेतों में जमा बरसाती पानी कलायत शहर के आवासीय क्षेत्र की तरफ आने लगा है। इससे गुस्साए मटौर रोड स्थित झीमरान कॉलोनी के लोगों ने शुक्रवार को प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही निकासी की मांग की। उधर, कलायत, पिजुंपुरा व मटौर के साथ-साथ करीब एक दर्जन प्रभावित गांवों के किसानों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर निकासी की फरियाद लगाई।
झीमरान कॉलोनी के सोनू नंबरदार, रवि, काला, कूका राणा, कांता और बिमला ने बताया कि बारिश का पानी आवासीय कॉलोनियों के लिए खतरा बनने लगा है। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान उन्होंने जलभराव की समस्या को झेला। उम्मीद थी कि बारिश थमने के बाद संकट से राहत मिलेगी, लेकिन अब नई मुसीबत आ गई है। खेतों में जमा पानी ने मकानों की ओर रुख कर लिया है। झीमरान कॉलोनी, राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल, मुढाढ़ गौशाला के साथ-साथ लघु सचिवालय की चहारदीवारी तक पानी पहुंच गया है। नेशनल हाईवे के नीचे से मार्गों को काटकर बरसाती पानी के बहाव को मोड़ा गया है। लोगों ने जल्द से जल्द पानी निकासी कराने की मांग की है।
निकासी की मांग को लेकर एसडीएम से मिले ग्रामीण
उधर, कलायत में बरसात थमने के बाद भी कृषि क्षेत्र में जल स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा। कलायत, पिजुंपुरा व मटौर के साथ-साथ करीब एक दर्जन प्रभावित गांवों के किसानों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर निकासी की फरियाद लगाई। उन्होंने अपने-अपने गांवों की समस्याओं का क्रमवार उल्लेख किया।
पिंजुपुरा गांव के प्रवेश कुमार, देशराज, मांगे राम, महेंद्र, सुरजीत, राजबीर सिंह, महावीर, कुलदीप, जयदीप व प्रदीप ने बताया कि 25 जुलाई को उन्होंने गांव पिंजुपुरा के करीब 400 एकड़ में जमा बरसाती पानी की निकासी के लिए एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा था। प्रभावित क्षेत्र में 2000 से 2500 एमएम के साईफन मार्ग के नीचे दबाए जाने की मांग की थी। पांच दिन का समय बीत जाने के बाद भी निकासी को लेकर कोई कदम नहीं उठाए गए। कपास, धान व ज्वार की फसलों में भी पानी बढ़ रहा है। उन्होंने जल्द से जल्द निकासी की मांग की।
एसडीएम सुशील कुमार ने कहा कि बरसाती पानी की समस्या से निपटने के लिए अधिकारियों की कमेटियां गठित की गई हैं। ये कमेटियां शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की अलग-अलग जिम्मेवारी संभाल रही हैं। एसडीएम ने कहा कि निकासी के लिए सुदृढ़ व्यवस्था की गई है। उन्होंने लोगों से इस प्रकार के हालातों में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
04-कलायत। अन्य इलाकों से पानी छोडने के कारण खराब हो रही कपास की फसल- फोटो : Kaithal