पिछले एक सप्ताह से रूक-रूक कर हो रही बारिश का फसलों के साथ-साथ आमजन पर भी असर पड़ा है। सुबह-शाम ठंड बढ़ गई है। बारिश से गेंहू की फ सल पर भारी नुकसान है। जिससे किसानों के चेहरे मायूस हो रहे है। वहीं मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी दिनों में भी मौसम खराब होने पर संभावित है।
बुधवार को लगभग दो घंटे चली छिटपूट बारिश से आमजन की मुश्किलें बढ़ी। वहीं बारिश के चलते सडक़ें कुछ समय के लिए सुनीं दिखी। दिन में आधे घंटे के लिए निकली धूप से से लोगों को राहत जरूर मिली। शाम को फिर ठंडी हवाओं के साथ तेज बारिश हुई। जिले में किसानों पर मौसम एक बार फिर से कहर बनकर टूटा है। जिले में कई जगहों पर बारिश होने से लगभग 70 प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है। मौसम में परिवर्तन होना किसानों के लिए आफत बन गया है। गेंहू की पौधो में दाना नहीं बन रहा। किसानों का कहना है कि वे छह माह से लगातार दिन रात मेहनत कर गेंहू की फसल तैयार कर रहे थे जो प्राकृति आपदा के कारण नष्ट होने के कगार पर है। जिन खेतों से पानी की निकासी का प्रबंध नहीं है वहां बारिश का पानी खड़ा होने से गेंहू के पौधे का जड़े गलनी शुरू हो गई है जिस कारण बलियों में दाना नहीं बन रहा। किसानों रणदीप, होशियार सिंह, सतपाल, जिया लाल ने बताया कि सप्ताह में हुई बारिश से ज्यादा नुकसान सब्जियों और रबी की फसलों पर हुआ हैं। गत दिनों बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से बलियों में दाने पर काफी प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि बारिश से फसल को 70 प्रतिशत नुकसान हो चुका है। यदि 13 मार्च तक बारिश होती रही तो किसान को भरी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने खराब हुई फसल की गिरधावरी करवाकर मुआवजा की मांग की। वहीं सब्जी गोभी, मटर, टमाटर, मिर्च व अन्य की फसलों पर भी काफी प्रभाव पड़ा। सब्जियों में पानी खड़ा होने से सब्जियां गलकर खराब हो सकती हैं। मौसम वैज्ञानिक बलबीर कौल ने बताया कि लगभग 1.5 एमएम बारिश हुई है। आगामी दो दिन तक मौसम खराब रहने के आसार हैं। इस से फसलों को नुकसान की संभावना हैं।