कैथल। चार दिन पहले बारिश हुई थी, लेकिन रेलवे अंडरपास आज भी जलमग्न है। यहां कई फीट पानी जमा है। इस कारण वाहन चालकों को अंडरपास से निकलने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अंडरपास के बीच में गड्ढा होने के कारण दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
सबसे अधिक समस्या जींद रोड स्थित रेलवे अंडरपास पर है। इस अंडरपास पर शहर से कई कॉलोनियों में जाने के लिए लोगों को गुजरना पड़ता है। अंडरपास से स्थित कॉलोनियों के लोगों ने संबंधित विभाग से पानी की निकासी करवाने और अंडरपास की सड़क को दुरुस्त कराने की मांग की है।
राहगीर चांदी राम, अश्वनी, रमन और सुमन ने बताया कि इस अंडरपास पर पहले लोहे की पुली भी न होने से राहगीरों को काफी परेशानी हो रही थी। इससे कई राहगीर और दो पहिया वाहन चालक चोटिल भी हुए थे। अब लोहे की पुली बनाई गई तो यह टूट चुकी है और पुली के सरिये निकले हुए हैं। सरिये निकलने से भी यहां हादसों का भय बना है। इस समस्या का कोई समाधान न होने से राहगीरों सहित अन्य स्थानीय लोगों में रोष है।
नाराज लोगों का कहना है कि मानसून के समय बारिश के पानी से बचाव के लिए यहां पर करीब पौने दो करोड़ रुपये की लागत से ऊपर छत भी डाली। इसके बावजूद तेज बारिश होने के बाद यहां पर जलभराव हो जाता है। इस समस्या का कोई भी स्थायी समाधान अभी तक नहीं हो पाया है। यदि रेलवे या लोक निर्माण विभाग की ओर से इस समस्या का जल्द ही कोई समाधान नहीं किया तो वे बड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर होंगे।
वर्जन-
रेलवे अंडरपास पर जलभराव की समस्या के समाधान के लिए कुछ साल पहले ही रेलवे की ओर से ऊपर छत लगवाई गई। इसके साथ ही जो सड़क का निर्माण किया जाता है। वह लोक एवं निर्माण विभाग की ओर से किया जाता है। यदि फिर भी कोई समस्या है तो उसे दूर करने के लिए आला अधिकारियों को जानकारी देकर अनुमति मांगी जाएगी। इसके बाद इस समस्या का जल्द ही समाधान करवा दिया जाएगा।
- जेके अरोड़ा, एसएसई, कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन, उत्तर रेलवे।