शाम के समय जींद से कुरुक्षेत्र चलने वाली ट्रेन में यात्रा करना किसी मुसीबत से कम नहीं हैं। यदि ट्रेन में महिला यात्री सवार हो तो शरारती तत्व और ज्यादा हुड़दंग करते हैं। यदि कोई यात्री इन शरारती तत्वों का विरोध करता है तो वे उसके साथ मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। रेलवे की सुरक्षा पर बड़ा सवाल लगाते हुए ये हुड़दंगी नरवाना से लेकर कुरुक्षेत्र तक अलग-अलग गांवों से ट्रेन में सवार होते हैं और कुरुक्षेत्र जाकर उतरते हैं। जहां से रात को आने वाली ट्रेनों में फिर वापिस आते हैं। हर रोज के इस हंगामे से दैनिक रेल यात्री भी परेशान हैं।
यह ट्रेन जींद से सांय छह बजे यह ट्रेन कुरुक्षेत्र के लिए रवाना होती है। जिसमें नरवाना के बाद हंगामा शुरू हो जाता है। कैथल में यह करीब आठ बजे पहुंचती है। इसके बाद अलग-अलग गांवों में ठहराव के कारण ट्रेन में शरारती तत्व सवार हो जाते हैं। रेलवे का इस ओर कोई ध्यान नहीं हैं।
कैथल से कुरुक्षेत्र तक ट्रेन में यात्रा का लाइव किया तो खुलासा हुआ कि रात को ट्रेन कैथल नया रेलवे स्टेशन करीब आठ बजे पहुंचती है। कुरुक्षेत्र जाने वाले यात्री इस रेल गाड़ी से करीब आधा घंटा पहले रेलवे स्टेशन पर पहुंचते है। जिनमें महिलाएं, बच्चे सब शामिल होते हैं। जैसे ही रेल कैथल क्रास करती है तो शरारती तत्व भी अपना रंग दिखाना शुरु कर देते है। जो कुरुक्षेत्र तक जारी रहता है। रविवार रात को तो हुड़दंगियों ने एक चुन्नी ली हुई थी। जो कभी किसी यात्री पर तो कभी किसी यात्री पर फेंक रहे थे। विरोध करने पर 15 से अधिक युवकों का यह झुंड मारपीट पर उतारू हो रहा था।
महिला यात्रियों मुकेश, कमला, शशि, महिंद्रो, निर्मल, ओमी, कविता, लवप्रीत व पुरुष यात्रियों पूंडरी निवासी धर्मपाल, रामराज, रामभज, बलबीर, रामभक्त, सोहन, बलविंद्र ने बताया कि रेल गाड़ी में सफर करना दूभर हो गया है। कुछ युवकों का समूह रेल गाड़ी में सवार होकर अभद्र भाषा, यात्रियों को तंग करते है। उन्होंने बताया कि वे चलती गाड़ी में शराब पीते हैं और किलकारी मारते हैं। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है।
हर दूसरे दिन होती हैं ऐसी घटनाएं
रेल में सफर करने वाले रामफल ने बताया कि हर दूसरे दिन शरारती तत्व शाम के समय कुरुक्षेत्र जाने वाली रेल गाड़ी में हर दूसरे दिन ऐसी घटनाएं होती है। वहीं पिछले महीने में भी चलती टे्रन में एक मजदूर का मोबाइल चुरा लिया गया। कुरूक्षेत्र निवासी एक युवक प्रदीप ने बताया कि वह कुछ दिन पहले किसी काम से कैथल आया हुआ था। वह वापस टे्रन से ही कुरुक्षेत्र जा रहा था। बिच रास्ते में कुछ शरारती तत्व टे्रन में सवार हुए और यात्रियों के साथ बदतमीजी करने लग गए।
सर्दियों में रहती है ज्यादा समस्या
यात्रियों ने यह भी बताया कि कोहरे की वजह से रेल गाड़ी अक्सर देरी से आती है। जिससे देर रात अपने गंतव्य स्थान तक पहूंचते है। दूसरा शरारती तत्वों की वजह सेे भी रेल गाड़ी देरी से आती है। वहीं जींद की तरफ जाने वाली रेल गाड़ी की बिना किसी जरूरत के चेन खींच देते हैं। जिससे यात्रियों गाड़ी चलने का काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है।
चार-पांच दिनों में होती है रेल गाड़ी की चेकिंग
जीआरपी चौकी इंचार्ज बलवंत सिंह ने बताया कि मुलाजिमों की कमी के कारण गश्त नहीं बढ़ाई जा सकती। लेकिन उसके बाद भी चार-पांच दिनों में गाड़ी की चेकिंग का जाती है। वैसे कुरुक्षेत्र की पुलिस का होना भी जरूरी है। अगर ऐसी कोई समस्या आती है तो उसको दूर किया जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।