संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला परिषद में सफाई के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के घोटाला मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम अब अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही है। वहीं, टीम की ओर से मास्टर माइंड सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पंचकूला, अंबाला और कुरुक्षेत्र में अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी जा रही है, लेकिन टीम को अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है।
गौरतलब है कि इस मामले में एसीबी ने जिले की 151 पंचायतों में 400 ग्रामीणों के बयान लिए हैं। अब इस मामले में जल्द ही अन्य और लोगों के भी बयान लिए जा सकते हैं।
यह है पूरा मामला
सरकार की ओर से कोरोना महामारी के समय वर्ष 2021 में जिला परिषद में करीब 12 करोड़ रुपये की राशि की ग्रांट को मंजूरी मिली थी। इसमें से 10.16 करोड़ रुपये की राशि कामों के लिए आई। जिसमें से आरोपियों ने सात करोड़ रुपये का गबन किया और करीब 30 प्रतिशत तक राशि से काम करवाए।
इस घोटाला में कुल 15 आरोपी शामिल हैं, लेकिन इसमें से अभी तक केवल सात आरोपियों की गिरफ्तारी ही हो पाई है।
इसमें एसीबी ने अब तक कैथल में पंचायती राज के एसडीओ रहे रोहतक के एक्सईएन नवीन, कैथल में पंचायती राज के जेई जसबीर सिंह, अकाउंटेंट कुलवंत के साथ पंचायती राज के ठेकेदार गांव फरियाबाद निवासी दिलबाग सिंह, गांव फतेहपुर निवासी अभय संधू, ठेकेदार राजेश व पूंडरी निवासी अनिल को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में एसीबी कैथल के प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि मास्टर माइंड सहित अन्य सात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पंचकूला, अंबाला और कुरुक्षेत्र में उनके ठिकानों पर दबिश दी गई है, लेकिन वे अभी तक गिरफ्तार नहीं हो सके हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।