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Kaithal News: युद्ध में राजा राम की जय बोल पाकिस्तानी बंकर में बोला था धावा

Fri, 26 Jul 2024 02:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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राजिंद्र तंवर
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कैथल। गांव टयोंठा निवासी पूर्व सैनिक संजीव राणा ने भी कारगिल युद्ध के समय सेना में शामिल होकर अपना दम दिखाया था। संजीव राणा ने बताया कि उनकी भर्ती दिसंबर 1997 में हुई थी। उस समय उनकी आयु महज साढे 17 वर्ष थी। उन्होंने भारतीय सेना की 11वीं राजपूताना राइफल्स में अपनी सेवाएं दी है।

उनकी पहली पोस्टिंग लेह लद्दाख के तूर तूक में ग्लेशियर में हुई थी। जब वह ग्लेशियर का टर्न वापस करके आ रहे थे तो आठ जून 1999 को कारगिल युद्ध शुरू हुआ था। उन्हें सूचना मिली थी कि पाकिस्तान की सेना भारतीय सीमा के अंदर दाखिल हो चुकी हैं। इसके बाद उनको खोजने के लिए 10 सैनिकों की टुकड़ी बनाई गई, इसमें वह शामिल थे।
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राणा ने बताया कि सर्च अभियान के दौरान समतल मैदान के आधा किलोमीटर के बाद पहाड़ी थी। उस पर पाकिस्तानी सिपाही छुपकर बैठे थे। उन्होंने उन पर फायरिंग कर दी। सबसे आगे सूबेदार नायब मंगेज सिंह को गोली लगी, उसके पीछे एक राइफल मैन प्रवेश कुमार वासी करनाल व एक और जवान जिसको गोली लगी। तीनों जवान मौके पर शहीद हो गए।

इस बीच फायरिंग के दौरान सब अलग-अलग हो गए। इसके बाद वह अपने साथियों की लाश लेने के लिए आगे बढ़े तो पाकिस्तानी सिपाहियों ने उन पर फायरिंग कर दी। इस कारण उनके साथियों के शव 15 से 20 दिन वही पड़े रहे। उच्च अधिकरियों ने उन्हें आदेश दिए कि उस जगह को खाली करवाया जाए, जहां पर पाकिस्तानी घुसे हुए हैं। उसके बाद शहीद हुए जवानों के शव लेकर आने हैं।
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तब जुमे की रात को 11वीं राजपूताना राइफल्स ने उस पहाड़ी पर रस्सियों के सहारे ऊपर चढ़े। वह बंकर में सोए हुए थे। वहीं संतरी पहरा दे रहा था। हवलदार तानसिंह को संतरी ने गोली मारी तो वह शहीद हो गया। इसके बाद 11वीं राजपूताना राइफल्स राजा राम की जय बोलकर बंकर में कूद पड़े और वहां पर पाकिस्तानी सैनिकों को मौत की नींद सुला दी। साथ में उन्होंने बताया कि उन्होंने स्लीपिग बैंग में छलनीं जैसे छेद कर दिए थे। फिर उस पोस्ट के काफी मात्रा में उनके हथियार बरामद किए थे। उस पहाड़ी पर फतेह हासिल करने के बाद वह शहीद जवानों के शव को वापस लेकर आए थे। तब बहुत ही एक दर्दनाक पल था वो कभी कभी तो ऐसे हादसे होते थे कि खाना खाते समय पाकिस्तानी बम आकर उनके पास गिर जाता थे। वही साथी को खाने खाते समय एक बम के छर्रे पीठ में लगे। राणा ने बताया कि वह 26 जनवरी 1999 को दिल्ली में 11वीं राजपुताना राइफल्स की टुकड़ी पेरड में भाग ले चुका है। अब वह हरियाणा पुलिस में स्पेशल पुलिस ऑफिसर के पद पर तैनात है। संवाद
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