फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुल का पिलर गिरने से निर्माण पर सवाल

विज्ञापन
विज्ञापन
नेशनल हाईवे नंबर 152 डी पर गांव डुलियाणी और ट्योंठा के बीच बनाए जा रहे पुल का पिलर गिरने के बाद अब निर्माण पर सवाल उठ रहे हैं। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन निर्माण करने वाली कंपनी की ओर से लापरवाही के बाद लीपापोती को लेकर लोगों में रोष है। उन्होंने मामले में उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग उठाई है।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार शनिवार को निर्माणाधीन पुल के पिलर क्षतिग्रस्त हो जाने और उसके जमीन में धंस जाने के बाद अपनी खामियों को छुपाने के लिए निर्माण कंपनी ने लीपापोती का प्रयास किया। रात के अंधेरे में ही घटना स्थल पर जमीन में धंसे पिलरों पर मिट्टी के ढेर लगा दिए गये। रविवार की सुबह उन्होंने उस स्थान को ऐसे बना दिया जैसे वहां कुछ हुआ ही नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार देर शाम तक पुल पर स्लैब रखने का कार्य चल रहा था। बुर्जी नंबर-29860 पर जब स्लैब रखे गये तो अचानक पिलर इन स्लैब का वजन सहन नहीं सका और एक साइड से जमीन धंसने से पिलर नीचे आ गिरा। गनीमत रही कि इस पुल पर दर्जनों मजदूर बाल-बाल बच गए। घटना के बाद आनन-फानन में पिलर व स्लैब के पास मिट्टी के ढेर लगा दिए गए। रात के अंधेरे में ही बुर्जी तक जाने वाले रास्ते के दोनों तरफ मशीन से खाई खोद दी गई और रास्ते में पानी भी छोड़ दिया गया, ताकि मौके पर लोग न पहुंच पाएं। ग्रामीण श्रीराम मोहना, वकील सिंह, प्रताप सिंह ने मामले में केंद्र सरकार व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को शिकायत भेज कर उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है। उन्होंने कंपनी और प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
विज्ञापन

कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर गोपाल ने कहा कि निर्माण कार्य व सामग्री में किसी प्रकार की कमी व लापरवाही नहीं है। समुचित तरीके से हाईवे निर्माण का कार्य चल रहा है। शनिवार की शाम को बुर्जी पर पिलर रखते समय मशीन घूम गई। इससे पिलर नीचे गिर गया और किसी भी प्रकार का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें