संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या करने वाले पीटीआई की मौत के बाद हर जुबां पर एक ही सवाल कौंध रहा है, आखिर जितेंद्र ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया। परिजनों के अनुसार, उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। वहीं पड़ोसी भी उसके मिलनसार स्वभाव के कायल थे। ऐसे में घटना के बाद सभी हतप्रभ हैं। जांच में पुलिस को भी आत्महत्या की कोई ठोस वजह नहीं मिली।
हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत राजौंद खंड में कार्यरत पीटीआई जितेंद्र राणा-48 मूलरूप से जींद के थे और कलायत स्थित ससुराल में पत्नी व दो बच्चों के साथ रह रहे थे। पत्नी के अलावा एक 22 वर्षीय बेटी और 20 वर्षीय बेटा भी है। दोनों ही कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन हंसते खेलते परिवार में शनिवार की देर रात अचानक मातम पसर गया, जब जितेंद्र ने अपनी ही लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली।
जितेंद्र के पड़ोसी नंबरदार संजय सिंगला ने बताया कि मृतक जितेंद्र राणा का व्यवहार काफी मिलनसार था। पड़ोस में रहने के चलते वह अक्सर उनसे मिला करते थे। जब से वे उनके पड़ोस में रह रहे हैं, तब से लेकर ऐसी कोई बात सामने नहीं आई जो आत्महत्या का कारण हो सके। उन्हें किसी भी प्रकार से कोई परेशानी भी नहीं थी। वे हर प्रकार से साधन संपन्न थे।
ओम बाबू।
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