30 ढांड 02 घर के अंदर लड्डू गोपाल के लिए सजाया हुआ मंदिर।
ढांड। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व के लिए लोगों में धार्मिक उत्साह बढ़ता जा रहा है। खासकर महिलाओं में लड्डू गोपाल के शृंगार के लिए खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। कान्हा जी के लिए नए-नए वस्त्र, मुकुट, मोरपंख, बांसुरी और आकर्षक आभूषण खरीदे जा रहे हैं। बाजारों में भी कान्हा जी के शृंगार से जुड़ी सामग्री की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ बढ़ने लगी है। जन्माष्टमी के अवसर पर महिलाएं अपने घर के मंदिर को विशेष रूप से सजाने में जुटी हुई हैं। कोई कान्हा जी के लिए रेशमी पोशाक पसंद कर रही है तो कोई आकर्षक रंगों और डिजाइन वाली पोशाक खरीद रही है। इसके साथ ही लड्डू गोपाल के लिए मुकुट, हार, कुंडल, कंगन, पायल, बांसुरी और मोरपंख सहित विभिन्न प्रकार की शृंगार सामग्री खरीदी जा रही है।
पसंद कर रही मनमोहक पोशाक
महिलाओं में कान्हा जी के शृंगार के लिए इतनी उत्सुकता है कि वे बाजार में उपलब्ध अलग-अलग डिजाइन की पोशाकों में से अपने पसंदीदा वस्त्र चुन रही हैं। दुकानदारों के अनुसार जन्माष्टमी को देखते हुए कान्हा जी के लिए विशेष रूप से तैयार की गई रंग-बिरंगी पोशाकें उपलब्ध हैं। इनमें आकर्षक कढ़ाई, गोटा-पट्टी और सजावटी डिजाइन वाली पोशाकें लोगों को खूब पसंद आ रही हैं। कई महिलाएं अपने घर के लड्डू गोपाल के आकार के अनुसार पोशाक और आभूषण खरीद रही हैं। वहीं कुछ श्रद्धालु जन्माष्टमी के दिन कान्हा जी को अलग-अलग स्वरूप में सजाने के लिए एक से अधिक पोशाकें भी खरीद रहे हैं।
घरों में सजने लगे मंदिर, भक्ति का माहौल
जन्माष्टमी के लिए घरों में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों के मंदिरों को सजाना शुरू कर दिया है। मंदिरों में रंग-बिरंगी झालरें, फूलों की मालाएं और आकर्षक सजावटी सामान लगाए जा रहे हैं। जन्माष्टमी के दिन कान्हा जी को विशेष रूप से सजाकर पूजा-अर्चना करने की तैयारी की जा रही है। महिलाएं सुबह से ही घर के कामकाज के साथ मंदिर की सजावट और कान्हा जी के शृंगार की तैयारियों में जुटी दिखाई दे रही हैं। कई घरों में लड्डू गोपाल को नए वस्त्र पहनाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। सीमा, रीना व सविता का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव उनके लिए आस्था और उल्लास का पर्व है। इसी भावना के साथ वे अपने घर के मंदिर और लड्डू गोपाल का विशेष शृंगार कर जन्माष्टमी मनाने की तैयारी कर रहे हैं।
30 ढांड 02 घर के अंदर लड्डू गोपाल के लिए सजाया हुआ मंदिर।