हरियाणा साहित्य सम्मान से नवाजी गई डॉ. रूपिंद्र कौर।
गुहला चीका। प्रदेश सरकार के अंतर्गत हरियाणा साहित्य व संस्कृति अकादमी पंचकूला की ओर से आयोजित साहित्य सम्मान समारोह में गुहला चीका की प्रख्यात पंजाबी साहित्यकार डॉ. रूपिंदर कौर को सम्मानित किया गया। उनके उल्लेखनीय और उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें हरियाणा साहित्य सम्मान से नवाजा गया है। राज्य स्तरीय समारोह में हरियाणा के विभिन्न जिलों से 65 पंजाबी, हिंदी व हरियाणवी साहित्यकारों को उनकी उत्कृष्ट साधना के लिए सम्मानित किया गया है। समारोह में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए डॉ. रूपिंदर कौर को आधिकारिक प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न व शॉल भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री, सदस्य मनजीत सिंह उपस्थित रहे।
डॉ. रूपिंदर कौर पंजाबी साहित्य जगत में जाना पहचाना नाम हैं। उनकी बहुचर्चित पंजाबी पुस्तक खुल गया भेद (एकांकी नाटक) को पाठकों, समीक्षकों और साहित्यिक हलकों में अभूतपूर्व सराहना मिली है। इस पुस्तक को हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला की ओर से नाटक वर्ग में प्रथम स्थान प्रदान कर सम्मानित किया है। डॉ. रूपिंदर कौर व डॉ. करनदीप सिंह अध्यक्ष पंजाबी विभाग, डीएवी कॉलेज नन्योला (अंबाला) की ओर से संयुक्त रूप से रचित पुस्तक गुलदस्ता के अंतर्गत शामिल एकांकी नाटक नई सोच को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी की ओर से कक्षा आठवीं के पंजाबी पाठ्यक्रम की पुस्तक उड़ान में शामिल किया गया है।
हरियाणा साहित्य सम्मान से नवाजी गई डॉ. रूपिंद्र कौर।