पूंडरी। वर्ष 1966 में अस्तित्व में आई पूंडरी विधानसभा क्षेत्र में अभी भी पूंडरी का सब डिवीजन का न बनना चुनाव में बड़ा मुद्दा है। इस क्षेत्र में 1966 से वर्ष 2024 तक के विधायकों ने अपने अपने स्तर पर कार्य किए, लेकिन कोई भी जनप्रतिनिधि पूंडरी को सब डिवीजन का दर्जा नहीं दिला पाया।
शिक्षा के क्षेत्र में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ईश्वर सिंह ने पूंडरी की पूरे प्रदेश में कुछ अलग पहचान जरूर बनाई परंतु पिछले कई प्लान से पूंडरी को सब डिवीजन बनाने का मुद्दा उठता रहा है।
वर्ष 2009 से वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में सब डिवीजन को बनाने के वादे के बाद भी पूंडरी सब डिवीजन नहीं बन पाया। कलायत और गुहला-चीका क्षेत्र सब डिवीजन बन चुके हैं। इस चुनाव में पूंडरी को सब डिवीजन बनाने का मुख्य मुद्दा रहेगा। पिछले 20 साल से यह मांग अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। हालांकि हलके में विकास कार्यों के दावों हैं। कहते हैं कि अधिकतर गांव लाइटों से जगमगा रहे हैं। संवाद
केवल बातें सुन रहे
पूंडरी हलके में लगभग 54 गांव और 184 बूथ हैं। बेगपुर से गांव कुकरकंडा तक पूंडरी हलका फैला हुआ है।
पूंडरी को सब डिविजन बनाने की बात पिछले कई वर्षों से सुनते आ रहे हैं, लेकिन इतने वर्ष बीतने के बाद भी पूंडरी सब डिवीजन नहीं बन पाया है। - शमशेर सिंह, बरसाना।
सब डिवीजन का दर्जा न मिलने का मलाल
अगर पूंडरी को सब डिवीजन का दर्जा मिल जाता तो लोगों को कैथल नहीं जाना पड़ता। लगभग सभी का र्य पूंडरी ही निपट जाते। जिससे लोगों के समय के साथ साथ पैसों की भी बचत होती। सब डिविजन बनने से पूंडरी में करोड़ोंं रुपये के विकास कार्य भी होते हैं।
-देवव्रत राणा, पूंडरी।
पूंडरी हलके में उनके कार्यकाल में अभूतपूर्व कार्र्य हुए। पूंडरी को सब डिविजन बनाने के लिए उन्होंने भरपूर प्रयास किए। लेकिन सब डिविजन नहीं बनवा सके। सब डिविजन के अलावा पूंडरी हलके में बहुत कार्य हुए। -रणधीर सिंह गोलन, हलका विधायक, पूंडरी।
पूंडरी हलके को सब डिविजन के नाम पर आश्वासन दिया गया। विधायक ने सब डिविजन बनाने को प्रमुखता से नहीं उठाया। जबकि यह सबसे प्रमुख मांग रही है। सब डिविजन बनने से पूंडरी की अलग ही पहचान बनेगी।
-सतबीर भाणा, समाजसेवी, पूंडरी।