संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा ने गांव नरवलगढ़ में जनसभा कहा कि चंडीगढ़ में सरपंचों पर लाठीचार्ज इस तानाशाही सरकार के कफन में आखिरी कील साबित होगा।
सरपंच गांव का सम्मानजनक पद है। पूरे गांव के सम्मान की पगड़ी सरपंच के सिर पर होती है। सरपंचों पर लाठीचार्ज करके सरकार ने न केवल सरपंचों बल्कि गांव की चौधर व सरदारी का अपमान किया है। जिससे जनता आहत है। जिन लोगों ने खुशी-खुशी अपने जनप्रतिनिधि चुने थे, वे लोग अपने इन जनप्रतिनिधियों पर हो रहे लाठीचार्ज से आहत हैं।
आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा-जजपा सरकार के घमंडी मंत्रियों, आला अधिकारियों व आला नेताओं को जवाब मिल जाएगा। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे इन बातों को चुनाव तक याद रखें। हरियाणा में दोनों ही सत्ताधारी दल के नेता सत्ता के नशे में चूर हैं। उन्हें अपनी नींद खोलनी चाहिए और धरातल पर लोगों की पीड़ा को समझना चाहिए।
माजरा ने कहा कि कलायत क्षेत्र में लोग तीन साल से अधिक का कार्यकाल देख चुके हैँ। इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी को छोड़कर न जाने कहां व्यस्त हैं। लोगों को सड़कों, नालियों, गलियों व स्थानीय समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। राजौंद क्षेत्र हो या कलायत या अन्य गांवों, सभी जगह सड़कें बदहाल हैं। लोगों को जनसमस्याओं का समाधान नहीं मिल रहा। अपने जनप्रतिनिधि को ढूंढने के लिए 75 किलोमीटर से भी अधिक लंबे हलका में उनके कार्यालय तक नहीं मिल पाते।
लोगों को कई-कई सप्ताह तक इंतजार के बाद किसी तरह कैथल जाकर अपना दुखड़ा रोना पड़ता है। लोग पिछले विधानसभा चुनाव में किए अपने फैसले पर पछता रहे हैं। इसीलिए आने वाले समय में जनता इस बात को देखते हुए मतदान करेगी।