फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जनता करे सहयोग तो अपराध मुक्त हो शहर

Sun, 01 Jan 2017 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कैथ्ाल
विज्ञापन
public - फोटो : कैथ्‍ाल
विज्ञापन
नसीब सैनी
विज्ञापन

कैथल। डीजीपी के आदेश पर थाना शहर में पुलिस-पब्लिक संवाद बढ़ाने के लिए आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने नए साल 2017 की बधाई देते हुए जनता से सहयोग की अपील की। वहीं पुलिस द्वारा बुलाए गए जनप्रतिनिधियों व शहरवासियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली की एक तरह से पोल खोलकर रख दी। हालांकि इस बैठक में कई रचनात्मक सुझाव आए।

जिन पर एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने तुरंत प्रभाव से अमल करते हुए लागू करने का फैसला किया। साथ ही जनता के साथ संवाद स्थापित करने की कवायद को जारी रखने का संकल्प दोहराया।
विज्ञापन

कार्यक्रम की शुरुआत डीएसपी अशोक गौतम ने डीजीपी केपी सिंह के संदेश को पढ़कर की। डीजीपी ने संदेश में कहा कि अपराध रोकने के लिए पुलिस के साथ-साथ जनता का सहयोग जरूरी है। नए साल में पुलिस व जनता मिलकर अपराध मुक्त और शांति व सौहार्द पूर्ण हरियाणा बनाने में सफल होंगे।


नगर परिषद उपाध्यक्ष डा. पवन थरेजा ने कहा कि पुलिस थाने में आने वाले लोगों को उचित मान-सम्मान मिलना चाहिए। ताकि लोगों के बीच अच्छा संदेश जाए। भाजपा नेता रविभूषण गर्ग ने कहा कि पुलिस अधिकारियों पास चाहे जितनी भी सिफारिशें आएं, उन्हें बिना किसी लोभ लालच के काम निष्पक्ष काम करना चाहिए। साथ ही लोगों के साथ पुलिस अधिकारी व कर्मचारी अच्छा व्यवहार करें। भाजपा नेता संजय भारद्वाज ने कहा कि नेता हैं तो राजनीति भी करेंगे।

लेकिन पुलिस को चाहिए कि जो व्यक्ति उनके पास आए, कम से कम उसकी सुनवाई तो की जाए। शहरवासी ललित ने कहा कि शहर में यदि सीसीटीवी कैमरे लगा दिए जाएं तो अपराध पर अंकुश लग सकता है। आढ़ती मनीष हत्याकांड, जाट आरक्षण आंदोलन, शहर में लूट की वारदात सहित अनसुलझे मुद्दे इसी कारण अधूरे हैं।

एक्ट का दुरुपयोग ना हो
वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन के रुलदू राम ने कहा कि महिला कि खिलाफ अपराध में कई बार एक्ट का दुरुपयोग होता है। निर्दोष व्यक्ति का नाम भी दर्ज हो जाता है। इसलिए पुलिस को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। जो अच्छा नेता या प्रभावशाली व्यक्ति होगा। वह गलत काम के लिए कभी दबाव नहीं डालता।

डराने की भावना छोड़े पुलिस
वरिष्ठ नागरिक राजपाल ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पड़ोस में एक चाकूमारी की घटना हो गई। मैं अपने घर सोया हुआ था। पुलिस कर्मी ने आकर जगाया और रोआबादार भाषा में कहा कि आप को ही केस दर्ज करवाना पड़ेगा। आप शिकायत लिखकर दो। उसने बेवजह डराने की कोशिश की। जब मैंने कहा कि डीएसपी मेरा दोस्त है, तब कहीं जाकर वह अपने कागजात उठाकर वहां से निकला। तो मेरा सुझाव है कि पुलिस लोगों को डराने की भावना का त्याग करे।

पुलिस कर्मियों द्वारा छीने जाते हैं पैसे
यशवीर आर्य ने पुलिस कार्यप्रणाली की कई मौकों के अनुसार प्रशंसा करने के बाद कहा कि यह भी देखने में आया है कि चौक-चौराहों पर पुलिस कर्मचारी गाड़ी चालकों से पैसे लगभग छीन ही लेते हैं। एसपी साहब मेरे साथ चलों, मैं दिखा दूंगा। पुलिस कर्मचारी दुर्व्यवहार करते हैं। कम से कम भाषा पर संयम जरूरी है। आर्य ने कहा कि तू आया है, क्या लेकर आया है। क्या देकर जाएगा, मुझे क्या मिलेगा मैं तेरा काम कर दूं तो... इस तरह की भावना छोड़ी जानी चाहिए। पुलिस कर्मचारी थानों में आने वालों के साथ संयमित व्यवहार करें।

नशाखोरी पर लगे लगाम, लोग भी भाषा संयमित रखें
डा. भीमराव अंबेडकर कॉलेज के प्रिंसिपल डा. ऋषिपाल बेदी ने कहा कि एसपी कार्यालय में एक रजिस्टर होना चाहिए। यदि अधिकारी के पास मिलने का समय नहीं है तो संबंधित व्यक्ति को बाद में बुलाकर उसकी बात सुनीं जा सके। लोग भी कई बार जाकर खड़ी बोली में बोलते हैं। इसलिए लोगों को भी अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए। शहर में नशाखोरी बढ़ रही है। इस पर लगाम लगे।

होटलों में व्याभिचार बढ़ा, ऐेसे एसपी भी आए, जो फिरौती में संलिप्त रहे
पूर्व विधायक लीला राम ने नए साल के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के लिए डीजीपी सहित पुलिस अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और आभार जताया। साथ ही उन्होंने कहा कि एसपी सुमेर प्रताप सिंह की ईमानदारी के यहां खूब चर्चे हैं। लेकिन एक समस्या यह है कि एसपी कम मिलते हैं। फोन भी कम उठाते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। लीला राम ने कहा कि यहां ऐसे भी एसपी आए हैं, जो फिरौती में संलिप्त रहे हैं।

वहीं कामराज जैसे एसपी को आज भी लोग याद करते हैं। लीला राम ने कहा कि चौक-चौराहों के साथ-साथ पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तो यहां आने वाले दलालों पर अंकुश लगेगा। क्योंकि कई बार सीनियर सिटीजन तक थानों में भटकते रहते हैं, दलाल आराम से बैठे होते हैं। लीला राम ने कहा कि एसपी सुमेर प्रताप के ज्वाइनिंग के समय होटलों में चल रहे व्यभिचार के धंधे पर अंकुश लग गया था। अब फिर 20-25 दिनों से यह बढ़ रहा है। इस पर अंकुश लगनी चाहिए।

हर माह हो जनता से मिलने का कार्यक्रम
शहरवासी प्रेमचंद ने कहा कि हर माह जनता से मिलने के लिए एसपी स्तर के अधिकारियों द्वारा ऐसे कार्यक्रम होना चाहिए। जिसमें जनता अपनी बात रख सके।

जनता के सहयोग से हो सकता है अपराध पर नियंत्रण
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य श्याम सुंदर बंसल ने कहा कि यह एक अच्छी पहल है। पुलिस जनता के सहयोग से अपराध पर अंकुश लगा सकती है।

डीएसपी ने दिया कई बातों का जवाब
डीएसपी सतीश गौतम ने कहा कि जहां तक पुलिस द्वारा डराने की बात है। समाज में बचपन से ही यह धारणा बैठा दी जाती है। एक बच्चा रो रहा हो तो मां पुलिस वाले को कहती है कि मेरे बच्चे को डराना जरा और पुलिस वाले उसे धमका देते हैं तो बचपन से ही बच्चे के मन में डर बैठ जाता है। इसलिए पुलिस वालों का नाम लेकर बच्चों को ना डराएं। कुछ फिल्मी कहानियों तो कुछेक खुछ पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों के कार्यों से महकमा बदनाम हुआ है। लेकिन अब मानव व्यवहार से लेकर आधुनिक तरीके से ट्रेनिंग होती है। समय बदल रहा है। पुलिस में भी व्यापक बदलाव आ रहे हैं।

इन सुझावों को किया एसपी ने स्वीकृत
एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने, वार्डों में पीस कमेटियों का गठन करने, एसपी कार्यालय में रजिस्टर लगाए जाने के सुझावों को स्वीकृति दे दी।

एक वक्ता ने एसपी की शान में पढ़े हैरान करने वाले कसीदे
कार्यक्रम की शुरुआत में एक वक्ता ने एसपी की शान में इतने कसीदे पढ़े कि एसपी को खड़ा होकर कहना पड़ा कि यह कार्यक्रम डीजीपी के आदेशानुसार जनता के सुझाव लेने के लिए आयोजित किया गया है। ताकि पुलिस जनता के साथ सहयोग करके अपराध पर अंकुश लगा सके। यह एसपी या अन्य अधिकारियों की प्रशंसा के लिए आयोजित नहीं हुआ। इसके बाद वक्ताओं ने सुझाव देने शुरू किए।
विज्ञापन


एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने सभी जिलावासियों को नए साल की बधाई देते हुए कहा कि अपराध नियंत्रण में पुलिस का सहयोग करें। जनता के सहयोग से ही पुलिस अपने मिशन में सफल हो सकती है। जिले के पुलिस अधिकारी व कर्मचारी हमेशा जनता की सेवा के लिए तत्पर हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें