संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जल जीवन मिशन के तहत पेयजल व्यवस्था के संचालन व रखरखाव संबंधित अब ग्राम पंचायतों की सरकारी जन भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इसके तहत ग्राम पंचायतों का दायित्व बढ़ेगा व पेयजल के प्रति जागरूकता व संवेदीकरण में बढ़ोतरी होगी। साथ ही महिला सशक्तीकरण के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक स्वयं सहायता समूह की महिला को जल जीवन मिशन के साथ जोड़ने की तैयारी भी की जा रही है। वह गांव में नल कनेक्शन देने, पेयजल बिल एकत्रित करने व पानी की जांच करने का कार्य भी करेगी।
यह जानकारी जाखौली अड्डा स्थित अग्रसेन धर्मशाला में सोमवार को एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला में दी गई। जल जीवन मिशन के तहत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में कैथल खंड के 21 गांव के सरपंचों, पंचों, ग्राम सचिवों व स्वयं सहायता समूह ने भाग लिया। कार्यशाला में जिला सलाहकार दीपक कुमार ने कहा कि इस नीति के तहत अब ग्राम पंचायतें सरकारी जनभागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि जल जीवन मिशन के उद्देश्य को निरंतर सफल बनाया जा सके। इस कार्यक्रम के तहत ग्राम जल एवं सीवरेज समिति का कार्य अहम रहेगा।
जिला सलाहकार दीपक कुमार ने 15वें वित्त आयोग के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की इस मुहिम में ग्राम पंचायतों को आगे आना होगा, ताकि गांव में हो रही पानी की बर्बादी को रोका जा सके और भविष्य में हमारे आने वाली पीढ़ी को पानी की किल्लत का सामना ना करना पड़े। दीपक कुमार ने उपस्थित लोगों
को विभाग के टोल फ्री नंबर के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि पीने के पानी से संबंधित शिकायत के निवारण के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के टोल फ्री नंबर 18001805678 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
इस मौके पर बीआरसी संदीप कुमार ने ग्राम जल एवं स्वच्छता कमेटी के कर्तव्यों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। प्रोजेक्टर पर पानी बचाने की छोटी-छोटी वीडियो दिखाकर जल संरक्षण का संदेश दिया गया। अब मंगलवार को कैथल खंड के 20 सरपंचों, 80 पंचों, 20 ग्राम सचिवों व 20 स्वयं सहायता समूह को प्रशिक्षण दिया जाएगा।