नारेबाजी करते हुए कर्मचारी। विज्ञप्ति
कैथल। नगर पालिका और फायर कर्मचारियों की हड़ताल 18वें दिन भी जारी रही। राज्य कमेटी के आह्वान पर कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान महेंद्र कुमार बिड़लान ने की, जबकि संचालन ब्लॉक सचिव विक्की टांक ने किया। महिला और पुरुष कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया।
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य मुख्य संगठनकर्ता शिवचरण, हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिणंद और अन्य कर्मचारी नेताओं ने सरकार के प्रेस नोट को तथ्यों से परे और कर्मचारियों की मांगों को कमजोर करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि सरकार जिन मांगों को अब सैद्धांतिक रूप से स्वीकार करने का दावा कर रही है, उनमें कई सुविधाएं कर्मचारियों को पहले से मिल रही हैं या वे 13 मई के समझौते का हिस्सा हैं। राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि 13 मई को सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच 22 मांगों पर समझौता हुआ था जिसमें 17 मांगें स्वीकार की गई थीं। इनके क्रियान्वयन के लिए आदेश जारी होने थे लेकिन अभी तक आवश्यक आदेश नहीं आए। उन्होंने कहा कि सरकार सैद्धांतिक सहमति के बजाय तत्काल लिखित आदेश जारी करे। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पालिका रोल पर कार्यरत सफाई और फायर कर्मचारियों का नियमितीकरण अभी लंबित है।
उन्होंने कहा कि 60 वर्ष तक सेवा की सुनिश्चितता और नियमितीकरण का विकल्प नहीं है। कर्मचारियों ने ठेका प्रथा समाप्त कर नियमित भर्ती करने, समान काम समान वेतन लागू करने और पालिका रोल कर्मचारियों को नियमित करने की मांग दोहराई।
गिरफ्तार कर्मचारियों की रिहाई की मांग
शास्त्री ने आरोप लगाया कि हड़ताल के दौरान कई जिलों में कूड़ा उठाने के नाम पर कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया। संघ ने गिरफ्तार कर्मचारियों को तत्काल रिहा करने और पुलिस कार्रवाई बंद करने की मांग की। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जब तक सरकार 13 मई के समझौते को लागू कर लिखित आदेश जारी नहीं करती और नियमितीकरण का स्थायी समाधान नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा।
नारेबाजी करते हुए कर्मचारी। विज्ञप्ति