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किसानों ने लघु सचिवालय में किया अनशन

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किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर किसान आंदोलन के समर्थन में जिले के किसान प्रतिनिधियों ने भारी संख्या में सुबह 10 बजे से सांय पांच बजे तक लघु सचिवालय में अनशन किया। इस दौरान किसान नेताओं, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सरकार को जमकर कोसा और तीन काले कानून वापस लेने की मांग की।
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सुबह ही किसान लघु सचिवालय में पहुंचना शुरू हो गए थे। दस बजे तक काफी संख्या में किसान एकजुट हो गए। यहां किसान प्रतिनिधियों द्वारा चुने गए अध्यक्ष मंडल की अगुवाई में अनशन शुरू किया गया। सात संगठनों के चढ़ूनी ग्रुप से जसविंद्र हरसौला, किसान सभा से महेंद्र सिंह, भाकियू घासी राम ग्रुप से जियालाल, किसान मजदूर मोर्चा से सुभाष गौड़, खेती बचाओ देश बचाओ संघर्ष समिति के कामरेड प्रेम, किसान नेता जसबीर तंवर, ऑल इंडिया कृषक खेत मजदूर संगठन के धर्मपाल छौत, सर्वजात सर्वखाप महापंचायत के भरत सिंह बैनीवाल, विक्रम कसाना को अध्यक्ष मंडल में शामिल किया गया। किसान नेताओं ने अनशन में एक ही बात रखी। सरकार हर हाल में तीनों कानूनों को वापस ले। किसानों को इन तीनों कृषि कानूनों से भारी नुकसान होगा। जब किसान किसी तरह का फायदा नहीं चाहता इन कानूनों से तो सरकार क्यों तीनों कानून थोप रही है। सभी वक्ताओं का इस बात पर जोर था कि दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे अनशन में जो भी जरूरत होगी, उसे पूरा किया जाएगा। वहां से जो भी निर्देश जारी होंगे, आंदोलन उसी अनुसार आगे चलाए जाएंगे। किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर ही यह अनशन किया गया है।
किसानों को अजीत हाबड़ी, जिला आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान अश्वनी शोरेवाला, पूर्व नगर परिषद चेयरमैन रामनिवास मित्तल, राजा राम माजरा, कृष्णा एडवोकेट गुहला, बिल्लू चंदाना, साहब सिंह संधू कांगथली, अजीत हाबड़ी, नोदी चीका, जसपाल चीका, मा. रामकिशन ढांडा, कंवरजीत सिंह, सतबीर गोयत, जरनैल सिंह, नरेश रोहेड़ा, शकुंतला, चरणजीत कौर, अशोक शर्मा, सोहन सिंह पूनिया, रतिरराम चीका मंडी प्रधान, सुखविंद्र कांगथली, सुभापष चंद, कुलदीप कवारतन, दिलबाग सिंह सहित दर्जनों की संख्या में लोगों ने तीनों कृषि कानूनों पर सरकार को जमकर कोसा।
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लघु सचिवालय परिसर में हुई जाम की स्थिति- किसानों के अनशन के कारण लघु सचिवालय में जाम की सी स्थिति बनी रही। किसानों की गाड़ियां, ट्रैक्टर-ट्रालियों व बाइक के कारण पूरे परिसर में भीड़भाड़ की स्थिति बनी रही। एक समय में तो लघु सचिवालय के मुख्य प्रवेश द्वार वाली सड़क पर ट्रालियों के कारण जाम की सी स्थिति हो गई थी
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