कृषि कानूनों के खिलाफ वीरवार को पंजाब के पटियाला और संगरुर जिलों की ओर से आए किसान कैथल पुलिस की तीन स्तरीय सुरक्षा को ध्वस्त कर दिल्ली की ओर कूच किया। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए पटियाला रोड पर पानी से बौछार भी की। लेकिन किसान नहीं मानें और हजारों की संख्या में एकत्रित किसान दिल्ली की ओर चल दिए।
कैथल पुलिस प्रशासन ने जिले में 7 पंजाब बॉर्डर के नाकों सहित 23 नाकों पर तीन स्तरीय सुरक्षा करते हुए किसानों के प्रवेश पर प्रतिबंध का एलान किया था। पटियाला रोड पर गांव टटियाना व घग्गर पुल पर पुलिस ने बैरिगेट लगाए थे। पुलिस की चार कंपनियां लेकर प्रशासन घग्घर बैरिगेट पर मुस्तैदी से डटा हुआ था। सुबह किसानों की संख्या कम होने के कारण पंजाब के किसान हरियाणा में प्रवेश नहीं कर पाए। एसपी शशांक कुमार सावन, अंडर ट्रेनिंग आई पी एस अधिकारी हिमाद्री कौशिक, डीएसपी गुहला किशोरी लाल, एसडीएम गुहला शशि वसुंधरा, नायब तहसीलदार विरेंद्र शर्मा सहित अन्य दर्जनों अधिकारी सुबह से ही घग्गर बैरियर पर डटे थे। उधर चीका में धरना दे रहे किसान और कर्मचारी भी पंजाब के किसानों को प्रवेश दिलवाने के लिए के घग्गर पर लगाए बैरिगेट पर पहुंचे गए। इन किसानों और कर्मियों की मदद से पंजाब के किसानों ने जोरदार नारेबाजी कर सारे सुरक्षा इंतजाम ध्वस्त कर डाले और हरियाणा में प्रवेश कर लिया। हरियाणा पुलिस ने किसानों पर वाटर कैनन से पानी की बौछार की। लेकिन किसान नहीं रुके और ट्रैक्टर की मदद से सड़क पर लगाई गई पत्थरों की दीवार हटाकर हरियाणा में प्रवेश कर लिया। इस दौरान प्रशासन की तरफ से कोई ऐसी सख्ती नहीं बरती गई जिससे कोई ऐसी स्थिति पैदा हो कि कोई दुर्घटना हो।
पूरे प्रकरण में बेबस नजर आया प्रशासन- दो दिन से पंजाब के किसानों को हरियाणा में न घुसने देने के लिए पूरे इंतजाम के साथ मुस्तैद पुलिस व प्रशासन किसानों के सामने बेबस नजर आया। लगता था कि उन्हें ऊपर से किसी प्रकार से सख्ती न करने के आदेश थे। कई किसानों ने खेतों की ओर से भी प्रवेश का प्रयास किया।
पुलिस नाके तो धत्ता बताकर कैथल शहर के निकट पहुंचे मोगा के किसान
मोगा जिले से आया किसानों का एक जत्था खनौरी रोड पर लगाए गए नाके की बजाए लिंक मार्गों से होते हुए कैथल शहर के निकट पहुंचा। जिसमें 2 बसें, 50 से अधिक ट्रालियों में किसान अपना राशन पानी लिए थे। इनके कैथल में पहुंचने की सूचना मिलते ही डीएसपी कुलवंत सिंह, तहसीलदार सुदेश मेहरा और एसडीएम कैथल संजय कुमार मौके पर पहुंचे। रोकने पर किसान सड़क पर ही बैठ गए। किसान नेता सूरज सिंह, बलवंत सिंह, बलदीप सिंह, सुखजिंद्र सिंह, विक्की व अन्य किसानों ने कहा कि प्रशासन के साथ उनकी कोई लड़ाई नहीं है। इसके बाद इन किसानों को जाने दिया गया। जो अंबाला रोड, ढांड रोड से नए बाईपास, तितरम मोड़ से होते हुए दिल्ली की ओर कूच गए। सदर एसएचओ राजफूल ने बताया कि संगतपुरा चौंकी पर पुलिस द्वारा नाका लगाया गया। पंजाब के किसानों ने खेतों के जरिये जिले में प्रवेश किया।
किसान नेता जसबीर तंवर को नहीं मिली जमानत, जेल भेजे
कैथल। किसान नेता जसबीर तंवर क्योड़क को बुधवार रात्रि पुलिस द्वारा गिरफ्तारी करने के बाद चौकी पुलिस द्वारा जसबीर तंवर को ड्यूटी मजिस्ट्रेट जसविंद्र सिंह के सामने पेश किया गया, जहां से उसे जेल में भेज दिया गया है। जसबीर तंवर के समर्थन में दर्जनों युवा किसान जिला सचिवालय पहुंचे और उनकी गिरफ्तारी का विरोध भी किया। जिले के ओवरआल इंचार्ज एडीसी सतबीर सिंह ने कहाकि अभी तक कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। किसान को रोकने का हर संभव प्रयास किया गया।
protest- फोटो : Kaithal