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मांगों को लेकर पीटीआई शिक्षकों ने राज्य मंत्री निवास पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा

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protest - फोटो : Kaithal
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बर्खास्त 1983 पीटीआई शिक्षकों ने बहाली को लेकर शहर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा को ज्ञापन सौंपा। मंत्री ने एक अक्तूबर को होने वाली मीटिंग में पीटीआई की मांग को सीएम के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।
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बता दें कि प्रदेश भर के 1983 पीटीआई को न्यायालय द्वारा बर्खास्त किया गया है। पीटीआई लगातार अपनी बहाली को लेकर लघु सचिवालय में सरकार के खिलाफ धरने प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को धरने के 100 वें दिन शारीरिक शिक्षकों का समर्थन सर्वकर्मचारी संघ व आशा वर्करों ने किया। इसकी अध्यक्षता पीटीआई शिक्षक सतपाल ने किया। उन्होंने कहा कि धरने का सभी कर्मचारी मजदूर व सामाजिक संगठन समर्थन कर रहे हैं और सरकार की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के द्वारा किसी भी कर्मचारी का कोई दोष साबित न होने पर भी इन बेकसूर 1983 पीटीआई के साथ अन्याय हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा भी भर्ती प्रक्रिया में कोई कमी नहीं पाई गई है व दिन प्रतिदिन बर्खास्त पीटीआई अपनी सेवा बहाली के लिए प्रत्येक मंत्री के पास प्रत्येक विधायक के पास जा चुके हैं। सभी संगठनों ने मुख्यमंत्री को एक अक्टूबर को होने वाली मीटिंग में मानवीय आधार पर पीटीआई की सेवा बहाल करनी चाहिए। इसके बाद पीटीआई शिक्षक संघ के सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पिहोवा चौक से होते हुए राज्यमंत्री के निवास पर पहुंचे। सूचना मिलते सीटी एसएचओ अमित कुमार मौके पर पहुंचे। संगठन सदस्यों व पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई। इसके बाद शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल मंत्री से मिला। जहां पर शिक्षकों की मांगों पर बातचीत हुई। मंत्री ने एक अक्टूबर को होने वाली मीटिंग में शिक्षकों की मांग सीएम के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मास्टर सतबीर गोयत, सर्वकर्मचारी नेता जरनैल सिंह, कमलेश, सतपाल सहित अन्य सैकड़ो कर्मचारी मौजूद थे।
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